फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं नकली तो नहीं है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, करा लें जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा (मनोज कुमार)। आपके वाहन पर यदि साल 2018 से पहले की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी है तो जरा सावधान हो जाएं। ऐसा न हो कि जिसे आप असली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट समझ रहे हैं, पुलिस या परिवहन विभाग की जांच में वह नकली निकले। परिवहन विभाग में ऐसे ही एक मामले का खुलासा हुआ। हालांकि, अधिकारियों ने उसे असली नंबर प्लेट लगवाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बीते शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा निवासी रवींद्र अपने चार पहिया वाहन से बैंक का नाम हटवाने के लिए कार्यालय आया था, लेकिन कार्यालय में कार पर लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अपडेट नहीं थी। जबकि, वाहन स्वामी का दावा था कि उसने 2018 में 650 रुपये में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाई थी। इस बाबू ने मौके पर जाकर देखा तो कार पर हाई सिक्योरिटी जैसी फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। इसके बाद मामला एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने वाहन स्वामी को समझाया और असली नंबर प्लेट लगवाने की अपील की। बता दें कि वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए 15 अप्रैल तक का समय है। इसके बाद बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों का चालान किया जाएगा। वहीं, अब परिवहन विभाग में भी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों का काम करना बंद कर दिया गया है। वहीं, अधिकारियों ने बाबुओं को निर्देश दिए हैं कि साल 2018 से पहले के वाहनों पर लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद ही उसकी फाइल को आगे बढ़ाया जाए। यदि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अपडेट नहीं है तो उसकी जांच की जाए।
नकली नंबर प्लेट लगा ऐंठ रहे पैसे
गौतमबुद्ध नगर के सेक्टर-16, कासना, सूरजपुर, दादरी, ग्रेटर नोएडा और नोएडा की कई मार्केट में नंबर प्लेट का बड़ा काम था, लेकिन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होने के बाद इन दुकानदारों का धंधा पिट गया है। हालांकि, कुछ दुकानदार अब भी हाई सिक्योरिटी जैसी नकली नंबर प्लेट बनाकर लोगों से पैसे एेंठ रहे हैं।
विज्ञापन

असली और नकली नंबर प्लेट में अंतर
लाइसेंस धारक डीलर द्वारा जब नंबर प्लेट जब लगाई जाती है तो उस पर कंप्यूटर के माध्यम से वाहन का पूरा विवरण, आईएनडी व लोगो के साथ बारकोड भी दर्ज किया जाता है। बार कोड को स्कैन करते ही वाहन संबंधित पूरी जानकारी मिल जाती है। वहीं, फर्जी नंबर प्लेट पर लगे बार कोड को स्कैन करने से कोई जानकारी नहीं मिलती है।
विज्ञापन

बाबुओं को बताया गया है कि वह 2018 से पूर्व की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की जांच के बाद ही काम करें। जिससे नकली प्लेट वाहनों में नहीं लगाई जा सके।
- एके पांडेय, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें