राय उमानाथ बली सभागार में आईसीसीआर की ओर से आयाजित भक्ति संगीत संध्या में गाने की प्रस्तुति दे
लखनऊ। पायो जी मैंने रामरतन धन पायो..., नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा...सबसे ऊंची प्रेम सगाई..., शंकर तेरी जटा से बहती है गंगधारा... जैसे भजनों से पूरा प्रेक्षागृह गूंज रहा था। मौका था शुक्रवार की शाम को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में कैसरबाग सि्थत राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में भक्ति संगीत कार्यक्रम का। शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। गायक सोनेलाल शशांक सागर ने बेहतरीन प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध कर दिया। सह गायक नमन तिवारी व कैलाश की मधुर आवाज ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया। संगत कलाकारों में विनोद कुमार, मुकेश प्रजापति, शैलेंद्र सिंह, डॉ. अदिति थपलियाल रहे।
राय उमानाथ बली सभागार में आईसीसीआर की ओर से आयाजित भक्ति संगीत संध्या में गाने की प्रस्तुति दे