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अपने ही घर में रहने का पति को दिया किराया, नहीं रहना साथ

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अपने ही घर में पति को दे रही किराया, अब नहीं रहना साथ
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ग्रेटर नोएडा। पति पूरा वेतन लेता था। वेतन देने से मना किया तो प्रताड़ित करने लगा। बाहर किराए पर रहने की बात की तो नहीं माना। उल्टा अपने घर में रहने का किराया लेने लगा। अब उसके साथ नहीं रहना। बस मेरा सामान दिलवा दीजिए। तलाक कोर्ट से ले लूंगी। यह दर्द नोएडा की एक महिला ने उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम को सुनाया। कुल 20 महिलाओं ने अपनी बात रखी। विमला बाथम ने महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। साथ विभागों को सामंजस्य बिठाकर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में काम करने का आदेश दिया है।
कलेक्ट्रेट के सभागार में बुधवार को महिला जन सुनवाई हुई। विमला बाथम ने महिलाओं की पीड़ा सुनी और पुलिस व प्रशासन की मदद से समाधान कराने का प्रयास किया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर तक की महिलाएं अपना दर्द लेकर पहुंचीं। नोएडा निवासी रती शर्मा ने बताया कि उसका पति गाजियाबाद में रहता है। अब उसे पति के साथ नहीं रहना है। पति पहले तलाक देने को तैयार था, लेकिन अब इनकार कर रहा है। केस कोर्ट में चल रहा है। पति ने काफी प्रताड़ित किया। नौकरी पेशा हूं, घरेलू सहायिका को काम पर रखा था, लेकिन उसे भी हटा दिया। अब पति सामान नहीं दे रहा है। फिलहाल मेरा सामान दिलवा दीजिए। विमला बाथम ने मदद का भरोसा दिया है।
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बस उत्पीड़न बंद करवा दीजिए
ग्रेटर नोएडा की एक महिला ने बताया कि पहले वह दिल्ली में रहती थी। शादी के बाद ग्रेनो आ गई। दिल्ली में पड़ोस में रहने वाला व्यक्ति उत्पीड़न कर रहा है। वीडियो, फोटो, मोबाइल के संदेश भेजकर बदनाम कर रहा है। पुलिस से शिकायत की। आयोग से भी मदद मांगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पुलिस ने अभी जांच नहीं की है। महिला ने आयोग से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि फिलहाल उत्पीड़न बंद करवा दीजिए।
पति बोला प्यार करता हूं, पत्नी बोली, नहीं रहना साथ
ग्रेनो निवासी महिला ने पति और सुसराल पक्ष पर घर में बंधक बनाने और उत्पीड़न का आरोप लगाया। आयोग से सामान दिलवाने और तलाक की मांग की। पति और सास भी वहां पहुंच गए। पति ने सभी आरोपों को झूठ करार दिया और पत्नी से बहुत प्यार करने की बात कही। आयोग की अध्यक्ष ने महिला से साथ रहने की आखिरी कोशिश के बारे में पूछा तो इनकार कर दिया। आयोग ने पति को आदेश दिया है कि वह सामान वापस करें। सहमति या कोर्ट के माध्यम से तलाक ले लें।
पति ने तीन तलाक दिया, मैंने नहीं माना
एक मुस्लिम महिला ने बताया कि पिछले साल दिसंबर में पति दूसरा निकाह कर रहा था। वह मौके पर पहुंच गई और निकाह नहीं होने दिया। उसके बाद पति ने तीन तलाक दे दिया। सेक्टर-39 कोतवाली में शिकायत की, लेकिन मदद नहीं मिली। महिला का दर्द सुनने के बाद आयोग की अध्यक्ष ने पूछा कि वो तीन तलाक को मानती हैं तो महिला ने इनकार कर दिया। विमला बाथम ने कहा कि सरकार भी तीन तलाक को नहीं मानती। कानून के तहत पुलिस कार्रवाई करेगी।
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अन्य महिलाओं ने भी सुनाई पीड़ा
नोएडा निवासी अर्चना उपाध्याय ने बताया कि पति की मौत हो चुकी है। मेरठ में बिल्डर से एक प्लॉट लिया था। 2010 में रजिस्ट्री की, लेकिन बिल्डर ने प्लॉट किसी पुलिसकर्मी को पहले ही बेच दिया था। कब्जा या फिर पैसा दिलाने की मांग की। आयोग ने मौके पर संबंधित थाना पुलिस को फोन कर मदद के निर्देश दिए। जेवर निवासी विजय लक्ष्मी ने बताया कि 22 दिसंबर की रात करीब 40 पुलिसकर्मी उसके घर में घुस आए और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। जबकि, दबिश का कोई कारण नहीं बताया। आयोग ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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