ड्राई फ्रूट्स कंपनी की एचआर मैनेजर और सीनियर अकाउंटेंट गिरफ्तार
नोएडा। 200 करोड़ से अधिक की ठगी के मामले में सेक्टर-58 थाना पुलिस ने ड्राई फ्रूट्स कंपनी की महिला एचआर मैनेजर सुनीता नेगी उर्फ जेनिया नेगी और सीनियर अकाउंटेंट अमरजीत को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कंपनी से संबंधित कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि दुबई ड्राई फ्रूट्स कंपनी के प्रमोटर मोहित गोयल और एमडी ओमप्रकाश जांगिड़ को नोएडा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों ने नोएडा व गुरुग्राम में चार अलग अलग नामों से कंपनियां बनाकर बड़े व्यापारियों से ड्राई फ्रूट्स सहित अन्य सामान खरीदा, लेकिन भुगतान नहीं किया था। नोएडा के सेक्टर-62 स्थित कोरेंथम बिल्डिंग में चलने वाली दुबई ड्राई फ्रूट्स एंड स्पाइस हब कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित 14 लोगों के खिलाफ रोहित मोहन नाम के व्यापारी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में गिरफ्तार सुनीता नेगी मूल रूप से किलवा गांव, थाना सागला जिला किन्नौर हिमाचल प्रदेश की रहने वाली है और वर्तमान में सेक्टर-78 स्थित महागुन सोसाइटी में रह रही थी। वहीं सीनियर अकाउंटेंट अमरजीत बल्लभगढ़ फरीदाबाद का रहने वाला है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कंपनी की मुहर, लेटरपैड, चेकबुक, कैश और कई मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार पैसों के लेन-देन सहित ज्यादातर काम यही दोनों आरोपी देखते थे। कंपनी का ही एक अन्य अधिकारी सुमित यादव, सुनीता का सहयोग करता था। सुनीता और सुमित कंपनी से वेतन के अलावा मुनाफे में 10 फीसदी हिस्सा भी लेते थे। इस मामले में अभी 10 आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
पुलिस पर लगाया था 40 लाख लेने का आरोप
इस मामले में पीड़ितों ने 20 अक्तूबर 2020 को कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने जब आरोपियों को हिरासत में लिया तो उन्होंने दो पुलिस अफसरों पर ही 40 लाख रुपये लेने का आरोप लगा दिया। इस बात पर आरोपी अदालत तक चले गए। इस प्रकरण के बाद पुलिस शांत बैठ गई। पीड़ितों की ओर से दोबारा शिकायत मिलने पर 24 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में अभी तक 25 लोगों ने शिकायत दी है। कई लोग मौखिक रूप से ही सूचना दे रहे हैं। यदि वे दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं तो उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य कार्रवाई की जाएंगी।
रणविजय सिंह, एडीसीपी