नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी की तैनाती पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसका असर नगर पालिका कार्यालय में कामकाज पर भी पड़ रहा है। ईओ की गैर मौजूदगी में पालिका कर्मचारियों को अब तक सितंबर माह के वेतन का भुगतान भी नहीं हो सका है। ऐसे में पालिका के 30 से अधिक कर्मचारियों की दीपावली इस बार फीकी रह सकती है। नगर पालिका में 34 स्थायी, अस्थायी और संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं।
नौ सितंबर को अब तक नगर पालिका के ईओ का प्रभार संभाल रहे मोहम्मद कामिल की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल विभाग में वापस भेजने के संबंध में शासन से आदेश जारी हुए थे। उनके स्थान पर गुरमीत सिंह को ईओ का प्रभार सौंपा गया था। इस बीच वर्ष 2026 तक प्रतिनियुक्ति को समयपूर्व समाप्त किए जाने पर मोहम्मद कामिल ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उनकी याचिका पर उच्च न्यायालय ने स्टे जारी किया है।
ऐसे में किच्छा से स्थानांतरित होकर आए गुरमीत सिंह को अब तक वित्तीय अधिकार नहीं मिले हैं। स्टे के बावजूद शासनादेश जारी नहीं होने पर फिलहाल मोहम्मद कामिल के पास भी ईओ का प्रभार नहीं है। ऐसे में ईओ के नहीं होने का असर नगर पालिका के कामकाज पर पड़ रहा है। लगभग एक माह से पालिका कार्यालय में भुगतान संबंधी फाइलें अटकी हुई हैं। इनमें कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी शामिल है। ईओ के नहीं होने के कारण कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन भुगतान नहीं हो सका है। वेतन नहीं मिलने से आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे कर्मचारियों के सामने अब बिना तनख्वाह के दीपावली मनाने की समस्या आन खड़ी हुई है। कर्मचारियों ने पालिका अधिकारियों से शीघ्र वेतन भुगतान की गुहार लगाई है।