कैसे बनवाएं मकान, महंगाई ने भवन निर्माण सामग्री के बढ़ाए दाम
पेट्रोल-डीजल और कच्चे ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पेट्रोल-डीजल और कच्चे ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर अब निर्माण क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। सीमेंट कंपनियों द्वारा जल्द ही दाम बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद शहर में घर बनाने की लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
वहीं कारोबारियों और बिल्डिंग मेटेरियल सप्लायर्स का कहना है कि पहले से ही कई निर्माण सामग्रियों के दाम बढ़ चुके हैं, ऐसे में सीमेंट की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सेक्टर-66 स्थित सप्लायर्स के मुताबिक, फिलहाल इस समय अल्ट्राटेक सीमेंट की एक बोरी करीब 350 रुपये, वंडर सीमेंट 330 रुपये और श्री अल्ट्रा सीमेंट 310 रुपये में बिक रही है। वहीं मोरंग की कीमत करीब 60 रुपये प्रति क्यूबिक फीट और गिट्टी 58 रुपये प्रति क्यूबिक फीट तक है। कारोबारियों का कहना है कि पेट्रोल, डीजल बढ़ने के चलते ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ने से आने वाले दिनों में इनके दाम और बढ़ सकते हैं। वहीं पेट्रोल-डीजल, कोयला और पैकेजिंग लागत में लगातार बढ़ोतरी से सीमेंट कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। यही वजह है कि कंपनियां जल्द ही सीमेंट के दाम 5 से 7 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ा सकती हैं। शहर में टफन का कारोबार करने वाले कारोबारियों का कहना है कि टफन ग्लास समेत कई अन्य निर्माण उत्पादों के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं, क्योंकि टफन ग्लास को बनाने के लिए आने वाले कच्चे माल की शीट दिन-प्रतिदिन महंगी होती जा रही है। सप्लायर्स का कहना है कि सामग्री को एक जगह से दूसरे जगह पर ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना होता है, जोकि पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने के बाद महंगा हो जाएगा। इससे मानसून से पहले निर्माण कार्य कराने वाले शहरवासियों पर अगले कुछ दिनों में बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
कोट्स
अभी सीमेंट के दाम स्थिर हैं लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि दाम बढ़ेंगे, जिससे सप्लाई प्रभावित होगी। बाजार में गिरावट भी आने की संभावना है। -मनोज भाटी, मेटेरियल सप्लायर्स
पेंट के दाम में पहले ही इजाफा हो चुका है, क्योंकि उसमें केमिकल का उपयोग होता है। पेट्रोल, डीजल महंगा होने से इनके दाम और बढ़ सकते हैं। -शिखा मिश्रा, पेंट कांट्रेक्टर