- लिगेसी स्टॉल्ड परियोजना नीति के तहत मंजूरी, बिल्डर को जमा करने होंगे 110.59 करोड़ रुपये
नोएडा। सुपरटेक केपटाउन के फ्लैट खरीदारों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। नोएडा प्राधिकरण ने सुपरटेक ओआरबी परियोजना को लिगेसी स्टॉल्ड परियोजना की श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे बकाया भुगतान और अधूरे निर्माण को पूरा करने का रास्ता खुल सकता है। साथ ही, पात्र खरीदारों की रजिस्ट्री शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
परियोजना में सात टावरों में कुल 876 फ्लैट बनाए गए हैं। इनमें से दो टावरों के 200 फ्लैटों के लिए अधिभोग प्रमाणपत्र (ओसी) जारी हो चुका है। इसके बावजूद प्राधिकरण का बकाया जमा नहीं होने से इनकी रजिस्ट्री अटकी हुई है। अब शासन की 21 दिसंबर 2023 को जारी लिगेसी स्टॉल्ड परियोजना नीति के तहत राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सुपरटेक ओआरबी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में 13 अक्टूबर 2023 को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू हुई थी। इसके बाद राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 18 नवंबर 2025 को ब्रिकबॉस इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत प्राधिकरण की देनदारी के एवज में 110.59 करोड़ रुपये जमा किए जाने हैं।
प्राधिकरण की समिति ने परियोजना को नीति का लाभ देने और 13 अक्टूबर 2023 तक की देनदारी की गणना कराने की संस्तुति की थी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने 26 अक्टूबर 2026 को इसे मंजूरी देते हुए प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखने के निर्देश दिए। निर्धारित शर्तें पूरी होने और बकाया भुगतान के बाद पात्र खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो सकता है। ब्यूरो