नूंह। जिले में बीते कई वर्षों से शिक्षा संसाधनों का भारी अभाव है। आज भी कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में प्राध्यापकों के पद रिक्त हैं। वहीं, साइंस और कामर्स विभाग में फैकल्टी नहीं होने से भी छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है। मेवात में वर्षों से विश्वविद्यालय की मांग भी की जा रही है। लेकिन, सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। एक फरवरी को आम बजट में लोगों को इन मांगों के पूरा होने की उम्मीद है।
जिले में शिक्षा क्षेत्र में निश्चित तौर पर कई क्षेत्रों में कार्य करने की जरूरत है। नूंह में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, अगर उनको संसाधन मुहैया कराए जाएं।
देशराज मास्टर, अध्यक्ष प्राइवेट एसोसिएशन संघ
शिक्षा के लिए जरूरी संसाधनों पर बीते समय से जिले में काफी सुधार हुआ है। आगे भी उम्मीद है कि सरकार जिले में हर क्षेत्र में शिक्षा का विकास करेगी।
गंगादान डागर, शिक्षाविद्
सरकार को जिले में सबसे अधिक 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों पर ध्यान देने की जरूरत है। इन स्कूलों में स्टाफ के साथ संसाधनों का अभाव है।
दीपक साहू, समाजसेवी
लंबे समय से जिले के युवाओं ने हर मंच पर विश्वविद्यालय की मांग को उठाया है। सरकार को इस मांग को जल्द पूरा करना चाहिए।
सरदार जीएस मलिक, समाजसेवी