हनी ट्रैप मामला : पूर्व चौकी प्रभारी पर पांचवीं एफआईआर
नोएडा। हनी ट्रैप गिरोह बनाकर कार चालकों से उगाही करने के मामले में गिरफ्तार पूर्व चौकी प्रभारी सुनील शर्मा के खिलाफ पांचवीं एफआईआर दर्ज की गई है। कोतवाली सेक्टरी-39 में दिल्ली निवासी एक शख्स से सुनील शर्मा ने 2.70 लाख रुपये की उगाही की थी। मीडिया में मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत एसएसपी से की तो मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले कोतवाली सेक्टर-39 में तीन व एक्सप्रेस वे कोतवाली में एक मुकदमा पंजीकृत है। गिरोह का मास्टरमाइंड अंकित और अनिता भी नामजद हैं।
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली निवासी शख्स 8 मई की रात साढ़े नौ बजे कार से गोल्फ कोर्स रोड से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। रास्ते में एक महिला ने कार रुकवाई और पैर में चोट लगने का बहाना बनाकर सेक्टर-44 कट तक लिफ्ट मांगी। इसके बाद कार चालक ने उसे बिठा लिया और सेक्टर-44 सब्जी मंडी के पास छोड़ दिया, तभी पीसीआर सवार तीन पुलिसकर्मी सादी वर्दी में पहुंच गए और कार चला रहे शख्स को पकड़ लिया। उसे सेक्टर-44 पुलिस चौकी लेकर आए। वहां लिफ्ट लेने वाली महिला भी पहुंच गई और चौकी प्रभारी के सामने छेड़छाड़ का आरोप लगाने लगी। आरोप है कि चौकी इंचार्ज सुनील शर्मा ने कार सवार शख्स से समझौता करने की बात कही। पहले इस मामले को रफादफा कराने के लिए दस लाख रुपये मांगे गए। बाद में तीन लाख रुपये में समझौता हो गया। इसके बाद शख्स ने 2.70 लाख रुपये दे दिए। बाद में तीस हजार रुपये का चेक भी बैंक में डाल दिया। तब तक नोएडा पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में सुनील शर्मा, अंकित व अनिता को नामजद कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस सुनील शर्मा, तीन सिपाही सहित 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एक महिला अभी फरार चल रही है।
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क्या था पूरा मामला
एसएसपी वैभव कृष्ण ने 10 जून की रात को हनी ट्रैप के मामले में सेक्टर-44 पुलिस चौकी में तैनात दो सिपाहियों को पचास हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच में पता चला कि चौकी प्रभारी सुनील शर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ कुछ महिलाएं व पुरुष हनी ट्रैप का रैकेट चला रहे हैं। इसमें महिला चौकी के कुछ दूर रात में कार में लिफ्ट लेती थी और आगे चौकी के पास पहुंचकर दुष्कर्म की बात कहकर चिल्लाने लगती थी। इसके बाद योजना के मुताबिक पीसीआर वाले चौकी ले जाते थे और वहां कार मालिक से उगाही की जाती थी।