करीब 70 प्रतिशत महिलाएं, किशोरियां व युवतियों माहवारी संबंधी समस्याओं से पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। माहवारी के दौरान होने वाले दर्द और अन्य समस्याओं से परेशान जिले की किशोरियां, महिलाएं व युवतियां अब होम्योपैथी की ओर रुख कर रहीं हैं। पेट दर्द, कमजोरी, माहवारी की अनियमितता और चिड़चिड़ापन से जूझ रहीं इन किशोरियों, युवतियों व महिलाओं की अंग्रेजी दवाओं पर निर्भरता में कमी आ रही है। विशेषज्ञ के अनुसार, करीब 70 प्रतिशत महिलाएं माहवारी संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं। कई को इतना दर्द होता है कि इंजेक्शन लगाने तक की नौबत आ जाती है।
गौतमबुद्ध नगर में होम्योपैथी के 12 क्लीनिक संचालित हैं। धीरे-धीरे माहवारी संबंधित समस्याओं से पीड़ित महिलाओं का रुझान इनकी ओर बढ़ा है। डॉ. प्रीति सिंघल ने बताया कि माहवारी के स्थिति के अनुसार पीड़ितों को पल्सेटिला, मैग फॉस, विबर्नम और इंद्रायन जैसी दवाइयां दी जातीं हैं। उन्होंने बताया कि कई मरीजों को नियमित उपचार से फायदा मिला है।
जिला अस्पताल में तैनात सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. तनु त्यागी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना करीब 100 मरीज पहुंचते हैं। इनमें महिलाओं और किशोरियों की संख्या सबसे अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई ऐसी भी होती हैं, जो पहले अंग्रेजी दवाइयों का सेवन कर चुकी होती हैं और फायदा नहीं होने पर होम्योपैथी की तरफ आती हैं।
केस स्टडी-1
बरौला की एक किशोरी दो साल से माहवारी के दौरान तेज पेट दर्द से परेशान थी। उसने कई बार दर्द निवारक दवाइयों का सहारा लिया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। तीन महीने पहले उसने जिला अस्पताल के होम्योपैथिक विभाग में उपचार शुरू कराया। अब पहले की तुलना में दर्द काफी कम हो गया है।
केस स्टडी-2
सेक्टर-110 की रहने वाली सिमरन बताती हैं कि वह लंबे समय से अनियमित माहवारी और कमजोरी से जूझ रहीं थीं। दर्द के कारण कई बार काम पर नहीं जा पातीं थी। दवाइयां लेने के बावजूद परेशानी बनी हुई थी। होम्योपैथिक क्लीनिक में उपचार व खानपान में बदलाव से काफी राहत मिली है।
कोट
पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही खानपान, पर्याप्त पानी, नियमित दिनचर्या और समय पर इलाज जरूरी है। होम्योपैथी में मरीज की शारीरिक और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर उपचार किया जाता है। - डॉ. प्रीति सिंघल, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी