इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप योजना में बना सकेंगे दुकान-मकान
नोएडा। उत्तर प्रदेश में औद्योगिकीकरण को गति दिलाने के लिए लैंड बैंक में बढ़ोतरी के उपाय किए जा रहे हैं। यही नहीं इंट्रीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप योजना के अंतर्गत अब दुकान-मकान भी बना सकेंगे। आज नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इस योजना में संशोधन का प्रस्ताव पास हो सकता है। हालांकि, यह केवल 25 एकड़ से बड़े भूखंडों की योजना के लिए ही होगा। बोर्ड बैठक में कुल 37 मुद्दे शामिल होंगे।
दरअसल, 14 मई 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में औद्योगिक फ्लोर एरिया रेेशियो (एफएआर) को बढ़ाकर 2.5 करने और इसके अलावा परचेजेबल एफएआर को मिलाकर 3.5 करने को लेकर संशोधन की सलाह दी थी। साथ ही इंट्रीग्रेटेड औद्योगिक टाउनशिप के संबंध में आम योजना और जोनल रेगुलेशन में संशोधन की भी सलाह दी थी। इसी के तहत अब भविष्य में विकसित क्षेत्रों में आवंटित होने वाले औद्योगिक भू उपयोग के प्लॉट पर 1.5 सामान्य एफएआर और 1 परचेजेबल एफएआर देने का फैसला किया जा सकता है। वहीं, जिन सेक्टरों में सड़क की चौड़ाई कम से कम 24 मीटर है, वहां सामान्य एफएआर 2.5 और परचेजेबल एफएआर 1 देने का फैसला किया जा सकता है। वहीं, 25 एकड़ से बड़े प्लॉट के मामले में मिक्स लैंड यूज के तहत 75 प्रतिशत क्षेत्र में इंडस्ट्री, 12 प्रतिशत में ग्रुप हाउसिंग (केवल डॉरमेट्री और फिल्ड हॉस्टल), 8 प्रतिशत व्यावसायिक और 5 प्रतिशत सपोर्ट फैसिलिटी के तहत उपयोग में लाया जा सकता है। हालांकि, यह सब कुछ तब होगा, जब शासन की ओर से इसका अनुमोदन और गजट नोटिफिकेशन हो जाएगा।
यह होता है एफएआर
एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेेशियो। अगर इंडस्ट्रिल प्लॉट के मामले में एफएआर 2.5 दिया जा रहा है। यानी अगर कोई प्लॉट 1000 वर्गमीटर का है तो आवंटी 2500 वर्गमीटर तक निर्माण कर सकता है। वहीं, ग्राउंड फ्लोर पर कुछ क्षेत्र छोड़ने का भी प्रावधान है। इसके एवज में आवंटी तलों की संख्या बढ़ा सकता है। परचेजेबल एफएआर के मामले में आवंटी से एक तय शुल्क लेकर निर्माण की अनुमति दी जाती है।
यह सुविधाएं भी मिलेंगी
वेटिंग ट्रांजिट एरिया, सामान्य जन के उपयोग के लिए क्षेत्र, ट्रेवल सर्विसेज, टेलीफोन एक्सचेंज, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, वाटर वर्क्स, एक्सपोर्ट सुविधा के लिए, कैंटीन, केयर सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, लाइब्रेरी, हेल्थ सेंटर, जिम और एटीएम सर्विस सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
- एनएमआरसी के मामले में शासन को अंशधारित मिलने।
- रिशिड्यूलमेंट की तारीख 30 सितंबर तक होने।
- कोविड 19 की वजह से बकाये पर ब्याज को लेकर परामर्श।
- ब्याज दर को कम कर एमसीएलआर के बराबर करने।
- गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को लेकर एजेंडा।
- स्कूलों को धनराशि उपलब्ध कराने के संबंध में।
- कंप्लीशन सर्टिफिकेट को लेकर समय विस्तार निशुल्क देने के संबंध में।
- अलग-अलग परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के संबंध में।
- जल प्रभार को बढ़ाने के संबंध में।
- व्यावसायिक योजनाओं का आरक्षित दर अलग-अलग करने के संबंध में।
- पेट्रोल पंप की स्कीम निकालने।
- ग्रुप हाउसिंग योजनाओं को पूरा करने के संबंध में।
- ट्रांसफर चार्ज के संशोधन।
- आवासीय भूखंड योजना के संबंध में।
- बकाये में शिथिलता।
- यूनिटेक और आम्रपाली के संबंध में।
- विज्ञापन दरों को लेकर मामला।
- वेदवन पार्क का काम।
- दादा-दादी पार्क के संचालन के संबंध में।
- ग्रेनो व यमुना प्राधिकरण को दिए गए कर्जे के बदले लैंड सेटलमेंट।
- वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स इकाईयों को लेकर भवन विनियमावली संशोधन।
- नोएडा में वाटर मीटर लगाने के संबंध में।