उफान पर हिंडन, घरों में घुसा पानी, यमुना का भी बढ़ा जल स्तर
-हिंडन में बाढ़ से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के पांच गांवों के 2.5 लाख लोग प्रभावित
-हजारो घरों को कराया गया खाली, अगले 24 घंटे में जल स्तर बढ़ने का खतरा
-पहले से कम रहेगा यमुना का जल स्तर, सोमवार की सुबह तक और बढ़ने की उम्मीद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। यमुना नदी के बाढ़ से अभी राहत भी नहीं मिली कि अब हिंडन ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार को जलस्तर बढ़ने से डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र स्थित पांच गांवों के हजारों घराें में पानी घुस गया हैं। काफी लोग घर से बाहर निकल गए। वहीं, कई लोगों को प्रशासन ने सख्ती कर घर से बाहर निकाला। बाढ़ से पांच गांवों के 2.5 लाख लोग प्रभावित हैं। प्रशासन ने हिंडन का जल स्तर बढ़ने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, यमुना का जल स्तर भी बढ़ रहा है। सोमवार सुबह तक इसका असर देखने को मिलेगा। हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि पूर्व की तरह इस बार जल स्तर नहीं बढ़ेगा।
गाजियाबाद बैराज से हिंडन नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है और वहां खतरे का निशान 205.80 मीटर है। जबकि इस समय हिंडन का जल स्तर डाउनस्ट्रीम 200.85 मीटर है। गाजियाबाद बैराज से 22,987 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार की देर रात से हिंडन का जल स्तर बढ़ना शुरू हो गया था। रात में ही प्रशासन ने लाउड स्पीकर से घोषणा कराना शुरू कर दिया था। रविवार सुबह तक जल स्तर काफी बढ़ गया और घरों में पानी घुसना शुरू हो गया। देखते ही देखते हैबतपुर, चोटपुर, युसुफपुर चकशाहबेरी, बहलोलपुर और छिजारसी गांव के डूब क्षेत्र में बने हजारों मकानों में पानी घुस गया। सबसे अधिक छिजारसी और चोटपुर गांव के मकानों में पानी घुसा है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि दो हजार मकानों को खाली करा लिया गया है। चोटपुर के नंदा पब्लिक स्कूल, बहलोलपुर के साक्षी पब्लिक स्कूल, युसुफपुर चकशाहबेरी के देव विद्या पीठ स्कूल और हैबतपुर के कन्हैया पब्किल स्कूल में आश्रय स्थल बनाए गए हैं। जहां पर बाढ़ प्रभावित लोगों को ठहराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। पांच बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है। अफसरों ने बताया कि संबंधित तहसील की पूरी टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर नजर रख रही है।
फिर जलमग्न हुआ यमुना का डूब क्षेत्र, बढ़ा जल स्तर
एक बार फिर यमुना नदी का डूब क्षेत्र फिर से जलमग्न हो गया है। अफसरों ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा गया है। जो धीरे-धीरे पहुंच रहा है। रविवार शाम ओखला बैराज पर डाउनस्ट्रीम जल स्तर 199.10 मीटर रहा है। जबकि खतरे का निशान 200.60 मीटर है। बैराज से 1.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार सुबह पांच बजे तक पानी पहुंचने की उम्मीद है। डूब क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहां लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। अफसरों का कहना है कि पिछली बार से इस बार अधिक पानी नहीं आएगा। फिर भी सावधानी बरती जा रही है। सभी टीमाें को अलर्ट कर दिया गया है।
सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए निकले लोग
हिंडन किनारे चोटपुर कॉलोनी में रहने वाली वीणा ने बताया कि करीब पांच साल पहले घर बनाकर रह रही हैं। पहली बार ऐसी स्थिति आई है। वह दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने जा रही हैं। पानी निकलने के बाद वापस आएंगी। कॉलोनी में रहने वाले अजय ने बताया कि हिंडन का पानी उनके घर की दहलीज तक पहुंच गया है। थोड़ा और पानी बढ़ा तो घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ेगा। इसके अलावा जिन्होंने कुछ ऊंचे स्थानों पर मकान बना रखा है, उनके चेहरे पर भी चिंता की लकीरें दिखाई दीं। पानी लगातार बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
डूब गए श्मशान और कई वाहन
बहलोलपुर गांव निवासी सोनू यादव बताते हैं कि शनिवार रात से पानी बढ़ना शुरू हुआ। रविवार को पानी श्मशान तक पहुंच गया। इससे आसपास के घरों में भी पानी घुस गया। कई वाहन पानी में डूब गए। लोग किसी तरह से जान बचाकर घर से बाहर निकलने में कामयाब रहे। उनका सारा सामान घर में ही रह गया।
सामाजिक संस्था ने बाढ़ पीड़ितों को वितरित किया सामान
सेक्टर-126 के नौरंगाबाद, रायपुर समेत गांवों में महिला उन्नति संस्था की प्रतिनिधियों ने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर उनके जरूरत के सामान का वितरण किया। संस्थान की रेनू बाला शर्मा ने बताया कि पीड़ितों को आटा, चावल, चीनी, चायपत्ती, दाल, बिस्किट और अन्य खाने की सामग्री का वितरण कर उनका सहयोग किया। इसके अलावा बुजुर्ग महिलाओं को साड़ी ओढ़ा कर गृह लक्ष्मी सम्मान देकर सम्मानित किया। अन्य पीड़ितों को भी वस्त्र व बच्चों की पढ़ाई के लिए पाठय सामग्री का वितरण किया। इस मौके पर संस्था की मीना गौतम, कविता सिंह, उमा जायसवाल, कुसुम आदि उपस्थिति रही।
बाढ़ से प्रभावित गांव और वहां के लोग
गांव लोगों की संख्या
हैबतपुर 50 हजार
चोटपुर 65 हजार
बहलोलपुर 40 हजार
छजारसी 50 हजार
युसुफपुर चकशाहबेरी 45 हजार
हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों से लगातार घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। अगर कोई बाहर नहीं जा रहा है तो उनको फोर्स के साथ बाहर निकाला जाएगा। प्रशासन की पुरी टीम अलर्ट पर है। टीम लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रख रही है। यमुना का जल स्तर फिर से बढ़ेगा।
अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)