नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने उस याचिका पर दिल्ली पुलिस व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, सलमान खुर्शीद तथा भाजपा नेता अनुराग ठाकुर व कपिल मिश्रा पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पेश याचिका में इन भाषणों की जांच एसआईटी से करवाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि राजधानी में हुए दंगों में संपत्ति के नुकसान का आकलन एसआईटी से करवाकर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस व दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए 16 मार्च तक जवाब मांगा है। याचिका पर सुनवाई के लिए 20 मार्च की तारीख तय की है। सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने भड़काऊ भाषण देने से जुड़ी एक अन्य याचिका पर जवाब देने के लिए 16 मार्च तक समय मांगा जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदेर ने एक याचिका दायर कर भाजपा नेताओं पर भड़काऊ भाषण देेने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर वकीलों के एक समूह ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में एफआईआर की मांग की है।
इन याचिकाओं के अलावा सीपीआई नेता बृंदा करात ने दो याचिकाएं दायर कर उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार लोगों की सूची सार्वजनिक करने का निर्देश पुलिस को देने की मांग की है। वहीं करात ने भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ उनकी शिकायत पर फैसला स्थगित करने के निचली अदालत के फैसले को भी चुनौती दी है।
इन सब याचिकाओं के अलावा एक नयी याचिका दीपक मदान नामक शख्स ने दायर कर भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं की संपत्ति कुर्क करने तथा उसे बेचकर हिंसा प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग की है। याची ने इन याचिकाओं को भड़काऊ बताते हुए संबंधित नेताओं पर रासुका के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।- एजेंसी