-आईपीयू के पूर्वी दिल्ली कैंपस में रेडियो की होगी शुरूआत
-विवि में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्टूडियो बनाया गया
-रेडियो में छात्रों की सहभागिता और लर्निंग पर फोकस रहेगा
-प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में बीजेएमसी, एमएएससी कोर्स के छात्रों की करेगा मदद
-शुरूआत में कम्यूनिटी आधारित दो-दो घंटे के प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। हैलो..... आप सुन रहे हैं आईपीयू का कम्युनिटी रेडियो....पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार स्थित आईपीयू के कैंपस से जल्द ही यह आवाज सुनाई देगी। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) जल्द ही अपने पूर्वी दिल्ली कैंपस में कम्युनिटी रेडियो की शुरूआत करने जा रहा है। आईपीयू के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मॉस कम्यूनिकेशन के अंतर्गत शुरु होने वाले रेडियो के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक स्टूडियो का निर्माण किया जा चुका है। शुरुआत में इस पर कम्यूनिटी आधारित दो-दो घंटे के प्रोग्राम शुरू करने की योजना है।
आईपीयू का यह पहला कैंपस जहां इस तरह से कम्युनिटी रेडियो स्टेशन शुरू किया जा रहा है। हाल ही में इस परियोजना का उद्घाटन भी किया जा चुका है। प्रशासन इसे अगले साल से शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसमें ज्यादा से ज्यादा छात्रों की सहभागिता और उनके लर्निंग फोकस पर ध्यान दिया जाएगा। पत्रकारिता का विभाग होने के बावजूद अब तक आईपीयू में कोई कम्युनिटी रेडियो नहीं था। पूर्वी दिल्ली कैंपस के अधिकारियों के अनुसार इसमें बीजेएमसी और एमएएमसी प्रोग्राम के छात्र जुड़े होंगे, जो कि फैकल्टी के मदद से प्रोडक्शन से लेकर इसके संचालन तक का कार्य करेंगे। इन प्रोग्राम के छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने के लिए इसे शुरू किया जा रहा है।
20 किलोमीटर हो सकती है पहुंच
इसके लिए लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार के नियमों के आधार पर ही आगे बढ़ा जाएगा। रेडियो स्टेशन शुरु होने पर इसकी पहुंच अधिकतम 20 किलोमीटर तक की हो सकती है। स्टेशन पर कार्यक्रम प्रसारित करने के लिए छात्र फैकल्टी के साथ मिलकर ही प्रोग्राम तैयार करेंगे। इसमें कॅरिअर गाइडेंस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पॉडकॉस्ट के रूप टॉक शो, समुदाय को सलाह देते हुए कार्यक्रम शामिल किए जा सकते हैं।
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2007 में डीयू ने भी शुरू किया था
मालूम हो कि डीयू ने भी 2007 में अपना कम्यूनिटी रेडियो शुरू किया था। इस पर छात्रों के लिए कॅरिअर गाइडेंस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, दाखिले से जुड़ेे कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। इस पर दाखिले के दौरान छात्रों को विशेषज्ञों से अपने सवालों के जवाब भी मिलते थे। वर्ष 2016 में तो डीयू कम्युनिटी रेडियो के तत्वाधान में डीयू प्रौढ़ शिक्षा विभाग ने रेडियो ब्रॉडकॉस्टिंग कोर्स भी शुरू किया था। लेकिन मशीनें खराब होने और स्टॉफ की कमी के कारण यह लंबे समय से बंद पड़ा है। इसे कोरोना के बाद शुरू करने के प्रयास शुरू किए गए थे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है।