30 साल के लिए पीपीपी मॉडल पर करना होगा काम
चयनित कंपनी को अगले 30 साल तक पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर काम करना होगा। यानी कंपनी हेलीपोर्ट निर्माण में जितनी राशि लगाएगी। उसको हेलीपोर्ट का संचालन कर वसूल करेगी। वहीं प्राप्त होने वाले राजस्व में नोएडा प्राधिकरण का भी शेयर होगा। अधिकारियों का कहना है कि काफी पहले राइट्स एजेंसी से आकलन कराया गया था। जिसमें बताया गया था कि भविष्य में यहां बनने वाले गोल्फ कोर्स में विदेशों से भी लोग आ सकते हैं। इसके लिए वह दिल्ली या नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उतर सकते हैं। वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से यहां आएंगे। बताया गया कि बहुत सारे लोग अलग-अलग कार्यों से चीन और कोरिया से आते हैं। वह यहां आने के बाद वह कुछ दिन ठहर सकते हैं। गोल्फ का आनंद ले सकते हैं।
12 यात्री वाले 6 और 32 यात्री वाले दो हेलीकॉप्टर होंगे
अधिकारियों के मुताबिक हेलीपोर्ट पर 12 यात्रियों वाले 6 हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी। वहीं 32 यात्रियों वाले दो हेलीकॉप्टर यहां होंगे। इसमें एमआई 172, बेल जैसे हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी।