- दो दिन में 80 से 90 जांचें बाधित, मरीजों को बाहर निजी लैब में करानी पड़ रही जांच
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय पर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की चल रही हड़ताल का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई देने लगा है। ग्रेटर नोएडा के डाढ़ा गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लैब टेक्नीशियन के हड़ताल में शामिल होने से मरीजों की जांच व्यवस्था प्रभावित हो गई है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को जरूरी जांच कराने के लिए बाहर की लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, लैब टेक्नीशियन के हड़ताल पर जाने से सीएचसी डाढ़ा में शुक्रवार को करीब 40 से 45 जांचें प्रभावित हुईं। इनमें मलेरिया, टाइफाइड, गर्भवती महिलाओं की जांच, कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) और अन्य जरूरी जांचें शामिल हैं। इसके अलावा शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच कराने पहुंचने वाले मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों में करीब 80 से 90 जांचें प्रभावित होने का अनुमान है। सीएचसी में जांच व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ सकता है। सीएचसी के हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर डॉ. आलोक सिंह का कहना है कि केंद्र में संविदा पर तैनात दोनों लैब टेक्नीशियन हड़ताल में शामिल हैं, जिसके चलते जांच सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि, अन्य बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
निजी लैब का लेना पड़ रहा सहारा
सीएचसी में जांच की सुविधा प्रभावित होने के कारण मरीजों को अपनी बीमारी की पहचान और उपचार के लिए जरूरी रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही है। खासकर बुखार से पीड़ित मरीजों को मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराने में परेशानी हो रही है। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए भी समय पर जांच कराना जरूरी होता है। ऐसे में उन्हें बाहर जाकर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।