जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश, 30 दिन में करना होगा भुगतान, दो हजार रुपये वाद व्यय और दो हजार रुपये मानसिक संताप के रूप में भी देने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की वैध अवधि में इलाज में खर्च हुई राशि का भुगतान बीमा कंपनी को करना होगा। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को इलाज में खर्च हुई 89,477 रुपये की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने मामले की सुनवाई की।
ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा गांव निवासी विक्रांत ने जनवरी 2023 में कंपनी से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी जिसकी सीमा पांच लाख रुपये थी। जून 2023 में उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में तेज बुखार आदि की शिकायत पाई गई। इसकी सूचना बीमा कंपनी को दे दी गई। बीमा कंपनी ने इलाज कराने और क्लेम देने का आश्वासन दिया। उनके इलाज पर कुल 89,477 रुपये खर्च हुए।
आरोप है कि उन्होंने बीमा कंपनी को क्लेम के लिए सभी आवश्यक कागजात उपलब्ध कराए। इसके बावजूद बार-बार बहाने बनाकर उन्हें टाला जाता रहा। 11 अगस्त 2023 को बीमा कंपनी ने गलत तथ्यों के आधार पर दावा निरस्त कर दिया। इस पर विक्रांत ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी की ओर से कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया जिसके चलते आयोग ने एक पक्षीय सुनवाई की। आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता ने पॉलिसी की वैध अवधि में इलाज कराया था और इलाज की राशि स्वयं भुगतान करनी पड़ी। बीमा कंपनी ने इलाज की धनराशि न देकर सेवा में कमी की है। आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को इलाज में खर्च हुए 89,477 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 30 दिन के भीतर भुगतान करे। साथ ही दो हजार रुपये वाद व्यय और दो हजार रुपये मानसिक संताप के रूप में भी देने होंगे।