इलाज में लापरवाही करने वालों पर केस दर्ज करने का आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट ने बीटा-2 कोतवाली पुलिस को एक प्राइवेट अस्पताल में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक महिला को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इलाज में लापरवाही की गई।
सेक्टर जीटा-1 स्थित आम्रपाली ग्रैंड सोसाइटी निवासी धीरेंद्र का आरोप है कि पत्नी राखी को पेट दर्द की शिकायत थी। जिस पर पत्नी का अल्ट्रासाउंड सीआरएच सेंटर में कराया था। जहां पत्नी के पित्ताशय की थैली में दो पथरी बताई गई। 30 मई को पत्नी को पेट में ज्यादा दर्द हुआ तो एक निजी अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां एक जनरल सर्जन को दिखाया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दिखाने पर तुरंत ऑपरेशन करने की सलाह दी। 30 मई की शाम पत्नी को अस्पताल में भर्ती करा दिया। अगले दिन डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया। 2 घंटे बाद ऑपरेशन रूम से दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। तब अस्पताल ने प्लास्टिक के डब्बे में पथरी का एक हिस्सा दिखाया। दूसरे हिस्से के बारे में पूछा तो बताया कि लैब में जांच के लिए भेजा गया है। वहीं होश में आने पर पत्नी ने पेट दर्द व कंधे में दर्द होने की शिकायत की। दवा देने के बाद भी दर्द कम नहीं हुआ। दर्द को सामान्य बताकर 2 जून को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आरोप है कि कुछ दिन बाद जांच कराने पर पता चला कि पत्नी के पेट में गंदा खून जमा है। दिल्ली के एक अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया और बीटा-2 कोतवाली में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। अब कोर्ट ने बीटा-2 कोतवाली पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पुराना मामला है। इसमें सीएमओ की तरफ से गठित समिति जांच कर चुकी है। जिसमें अस्पताल की गलती नहीं मिली है।