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Noida News: हवेलिया समूह करेगा एसजेपी इंफ्राकॉन के 4024 यूनिट का निर्माण

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हवेलिया समूह करेगा एसजेपी इंफ्राकॉन के 4024 यूनिट का निर्माण
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- प्रदेश में सहविकासकर्ता के रूप में इकलौता हवेलिया समूह आगे आया
- 680 खरीदारों की रजिस्ट्री और 320 ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट होगा जारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। करीब 13 साल से अधूरी एसजेपी इंफ्राकॉन लिमिटेड की आवासीय परियोजना को पूरा करने के लिए शासन ने सहविकासकर्ता के रूप में हवेलिया समूह को नियुक्त किया है। हवेलिया समूह प्राधिकरण को करीब 155 करोड़ रुपये राशि को तीन माह में अदा करेगा। समूह को तीन से चार वर्ष में खरीदारों को घर बनाकर देने होंगे। इनमें से करीब एक हजार खरीदारों की रजिस्ट्री और ओसी आदि की समस्या अगले कुछ माह में दूर कर दी जाएगी। इस परियोजना में 4024 खरीदार फंसे हुए हैं। प्रदेश में पायलट कोडवलेपर के रूप में सिर्फ हवेलिया समूह आगे आया है।
दरअसल, नवंबर 2010 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-16 स्थित एसजेपी इंफ्राकॉन लिमिटेड को भूखंड आवंटित किया गया था। इस पर बिल्डर को 4024 फ्लैट बनाकर खरीदारों को सौंपने थे। बिल्डर ने यूनिट बेचकर खरीदारों से पैसा लिया, लेकिन प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर पाया। खरीदारों ने धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। हाल ही में फंसे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए हवेलिया ग्रुप आगे आया। समूह की ओर से सरकार के समक्ष प्राधिकरण की देय राशि को जमा करने का आश्वासन दिया गया। इस पर शासन, यूपी रेरा, ग्रेनो प्राधिकरण, प्रभावित बिल्डर और हवेलिया समूह की ओर से अमिताभकांत कमेटी के समक्ष अपने प्रस्ताव रखे। बृहस्पतिवार को इन प्रस्ताव को केबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार प्रस्ताव पास कर दिया गया।
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अब एसजेपी इंफ्राकॉन लिमिटेड की फंसे प्रोजेक्ट को पूरा करने का दायित्व हवेलिया समूह पर आ गया है। प्राधिकरण की 155.25 करोड़ रुपये की राशि को हवेलिया समूह जमा करेगा। इसके लिए समूह की ओर से स्वामी फंड समेत अन्य संस्थाओं से ऋण लेना है। प्राधिकरण की राशि को तीन माह में जमा करना होगा। हालांकि इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को यह प्रस्ताव बोर्ड में ले जाना होगा। करीब दो से ढाई माह इस प्रक्रिया को पूरा करने में लगेगा। इसके बाद तीन से छह माह के अंदर एक हजार खरीदारों को फ्लैट पर कब्जा और आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद दूसरे फेज का 2064 फ्लैट का काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि 30 से 32 मंजिला भवन के आठ टावर को पूरा करने में तीन से चार साल का समय लगेगा।
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यूपी निवेश सम्मेलन में इकलौते हवेलिया समूह ने इस तरह की फंसी परियोजना को उभारने के लिए निवेश करने के लिए करार किया था। उनके प्रस्ताव को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अनुमति मिल गई है। प्राधिकरण से लेकर हितधारकों की जिम्मेदारी को पूर्णरूप से वहन करेंगे। यह फैसला सालों से घर खरीदारों के घर के सपने को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा I - निखिल हवेलिया, मैनेजिंग डायरेक्टर, हवेलिया समूह
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