Hathras Case: हाथरस की बिटिया को इंसाफ के लिए बुधवार को यूपी भवन से लेकर इंडिया गेट तक विरोध की आवाज गूंजी। वामपंथी छात्र संगठनों ने दुष्कर्म पीड़िता को इंसाफ और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
यूपी भवन के बाहर जेएनयू छात्रसंघ, वामपंथी छात्र समेत अन्य संगठनों के लोग यूपी सरकार के खिलाफ विरोध करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने यूपी भवन को चारों ओर से सुरक्षा घेरे में ले रखा था। जो भी प्रदर्शनकारी ग्रुप में आते, पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर मंदिर थाना ले आती। यहां काफी संख्या में छात्र विरोध करने पहुंचे थे। बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया।
विभिन्न संगठनों के छात्र मंदिर पुलिस थाना से छूटने के बाद शाम साढ़े पांच बजे के करीब सीधे इंडिया गेट पहुंच गए। यहां यूपी पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कुछ अन्य सामाजिक संगठनों के लोग भी जुड़े। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं के सुरक्षा के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ भी हल्ला बोला।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने डफली के साथ हाथों में पोस्टर ले रखे थे। इस दौरान सड़क से निकलने वाले लोगों को भी इस विरोध की आवाज में शामिल होने की मांग रख रहे थे। पोस्टर में हाथरस की बेटी को न्याय दो, हाथरस की बेटी के गुनहगारों को फांसी की सजा दें या फिर ऐसी सख्त सजा हो, जोकि ऐसी शर्मनाक घटना को अंजाम देने वालों के लिए उदाहरण हो आदि लिखा हुआ था।
प्रदर्शनकारियों ने विरोध के दौरान कोरोना संक्त्रस्मण से बचाव के नियमों की भी धज्जियां उड़ाईं। यूपी भवन, इंडिया गेट में प्रदर्शन के दौरान अधिकतर छात्रों ने मास्क नहीं लगा रखे थे। इसके अलावा सामाजिक दूरी के नियम का पालन के तहत छह फीट की दूरी भी नहीं रखी गई। छात्रों के साथ-साथ पुलिस ने सामाजिक दूरी का ख्याल नहीं रखा। छात्रों को हिरासत में लेने के बाद बस में एक साथ अधिक संख्या में छात्रों को बैठया।