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Noida News: रानीपोखरी का विकास मॉडल देखकर गदगद हुए हरियाणा के सरपंच

Wed, 19 Nov 2025 01:24 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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हरियाणा के सरपंचों को विकास कार्यो के बारे में जानकारी देते रानीपोखरी प्रधान: संवाद
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करनाल, हरियाणा के 40 सरपंचों के दल ने उत्तराखंड में अपने पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के पहले दिन मॉडल पंचायत रानीपोखरी में विकास कार्यों का जायजा लिया। शुरुआत शानदार रही। रानीपोखरी का विकास मॉडल देखकर हरियाणा के सरपंच काफी खुश हुए।
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ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी ने पंचायत के विकास कार्य दिखाते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ, कूड़ा प्रबंधन और पंचायत की आय पर रानीपोखरी में विशेष ध्यान दिया गया है। उनकी पंचायत में दो इंटर कॉलेज, छह प्राथमिक विद्यालय और इतनी की आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। नामी निजी विद्यालय भी हैं। एम्स, ऋषिकेश द्वारा रानीपोखरी पंचायत को गोद लिया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनके यहां करीब 50 मकान बनाए गए हैं। उनके यहां प्रदेश का पहला कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खोला गया है। पंचायत घर में ही उनकी पंचायत के अलावा अन्य लोगों के आधार कार्ड के कार्य किए जाते हैं। पंचायत में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।
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हरियाणा के सरपंचों ने कहा कि रानीपोखरी के विकास मॉडल को अपनाकर अपने यहां भी विकास कार्य करेंगे। इस अवसर पर विनोद रावत, संतराम शर्मा, संदीप जायसवाल, साधना नेगी, रेखा देवी, अमित कुमार, रवि कुमार आदि उपस्थित रहे।

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शून्य मुकदमे होने पर सरकार पंचायत को देती है 50 हजार
रानीपोखरी भ्रमण के दौरान करनाल, हरियाणा के सरपंचों ने रानीपोखरी के पंचायत प्रतिनिधियों को बताया कि उनके यहां पंचायत में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एक वर्ष तक यदि पुलिस में कोई मुकदमा दर्ज नहीं होता है तो सरकार पंचायत को पचास हजार रुपये देती है।


सरपंचों के टीम लीडर के रूप में आए एससीपीओ कम ग्राम सचिव नवीन कुमार ने कहा कि उनके यहां पंचायतें भी हाउस टैक्स वसूल करती हैं। जमीन या किसी भी प्रोपर्टी की खरीद पर प्रदेश सरकार पंचायत को वसूले गए रजिस्ट्री शुल्क का दो प्रतिशत पैसा देती है।

इस पैसे को पंचायत के विकास कार्य में लगाया जाता है। 21 लाख तक के विकास कार्य पंचायत बिना टेंडर के करा सकती है। पंचायतों के पास 50 एकड़ तक कृषि भूमि है। इस भूमि और तालाबों को लीज या किराए पर देकर भी पंचायतों की आय बढ़ती है।



कई पंचायतों में तीस एकड़ तक में गोबर गैस प्लांट हैं, जिससे गांव को कुकिंग गैस सप्लाई की जाती है। एसपी, डीएफओ, डीएम और दूसरे उच्च अधिकारियों ने एक-एक गांव को गोद लिया हुआ है। जिसका वो समय-समय पर निरीक्षण करते हैं। पंचायतों में ई-लाईब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। उनके यहां सरपंच को निर्विरोध जीतने पर पांच लाख, सभी प्रतिनिधियों के निर्विरोध जीतने पर 11 लाख दिए जाते हैं। सरपंचों को प्रतिमाह पांच हजार और वार्ड सदस्यों को प्रतिमाह 1600 रुपये मानदेय मिलता है।
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