लखनऊ। ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रहे रामोत्सव के मंच पर सोमवार को हनुमान अपने आराध्य राम से मिलते हैं और फिर बालि का वध कर सुग्रीव का राजा बनाते हैं। इससे पूर्व माता शबरी की राम के प्रति अनन्य श्रद्धा का मंचन किया जाता है। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। कथक नृत्य नाटिका रामायण में अनीश रावत, प्रखर मिश्रा, अपर्णा शुक्ला समेत अन्य ने शानदार प्रस्तुति दी। कथक गुुरु डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव ने निर्देशन किया।
सीतापुर रोड योजना काॅलोनी सेक्टर ए में चल रहे 33वें रामलीला के तीसरे दिन सोमवार को भगवान शंकर की आरती से मंचन शुरू हुआ। इसके बाद केवट राम संवाद, भरत मिलाप, पंचवटी दृश्य, खरदूषण वध, शूर्पणखा के नाक-कान काटने, सीताहरण, जटायु मरण के दृश्य का बखूबी मंचन किया गया।
श्री रामलीला समिति महानगर में सोमवार को राम-भरत मिलन का मंचन किया गया जिसमें भरत वन पहुंचकर राम से वापस अयोध्या चलने और राजा बनने की प्रार्थना करते हैं। इसके बाद लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक काटी जाती है तो वह इसके शिकायत अपने भाई रावण से करती है।
श्री जनता रामलीला समिति खदरा में प्रभु राम द्वारा बालि वध का मंचन किया गया। इसके बाद वानर सेना के साथ राम समुद्र किनारे पहुंचते हैं और सीता का पता लगाने के लिए भक्त हनुमान को लंका भेजते हैं। वहां जब राक्षस हनुमान की पूछ में आग लगा देते हैं तो वे लंका दहन कर देते हैं।
कुर्मांचल रामलीला समिति की ओर से कुर्मांचल नगर में मंचित रामलीला में परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इसके अलावा राम-सीता विवाह, राम वन गमन का मंचन का मंचन देख दर्शक भावविभोर हो गए।
पंतनगर सांस्कृतिक समिति की ओर से चल रहे श्री रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन ननिहाल से लौटे भरत-शत्रुघ्न का मां कैकेयी से संवाद होता है। राम से मिलने भरत चित्रकूट पहुंचते हैं और राम के समझाने पर उनकी खड़ाऊ लेकर अयोध्या लौट आते हैं। शूर्पणखा का नासिका छेदन, खर-दूषण का वध और सीता हरण के मंचन ने दर्शकों को बांधे रखा।
लक्ष्मण को लगी शक्ति, हनुमान लाए संजीवनी बूटी
रेलवे रामलीला दशहरा कमेटी की ओर से आलमबाग स्थित तालकटोरा रोड पर मंचन के दौरान मेघनाद के बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। इसके बाद हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं। संजीवनी पाकर लक्ष्मण के प्राण लौट आते हैं और राम की सेना में हर्ष और उल्लास लौट आता है।
राजधानी में जगह-जगह चल हो रहा है रामलीलाओं का मंचन।
राजधानी में जगह-जगह चल हो रहा है रामलीलाओं का मंचन।
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