उत्सव में ग्राहकों का इंतजार कर रही सजीधजी दुकानें।
मथुरा। भव्यता के साथ शुरू हुए ब्रज रज उत्सव में कई राज्यों से आए शिल्पकारों की चमक इस बार फीकी है। कई दिन बीतने के बाद भी उत्सव में ग्राहकों की रौनक नदारद है, जिससे कारीगरों के चेहरे पर निराशा झलक रही है। स्थिति यह है कि पिछले साल की तुलना में अभी तक 50 फीसदी भी कारोबार नहीं हो सका है।
धौलीप्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड मे 26 अक्तूबर से शुरू हुआ ब्रज रज उत्सव 5 नवंबर तक चलेगा। यह उत्सव उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित कराया जा रहा है। इसमें प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के दर्जनों शिल्पकार अपनी अनूठी कलाकृतियां लेकर पहुंचे हैं। इनमें सहारनपुर का लकड़ी का काम, बनारसी सिल्क की साड़ियां व अन्य हस्तशिल्प के उत्पाद शामिल हैं। शिल्पकारों को उम्मीद थी कि उत्सव के दौरान उन्हें अच्छा बाजार मिलेगा, लेकिन आठवें दिन तक उन्हें निराश हाथ लगी है। सहारनपुर से आए शिल्पकार राजमोहन ने अपनी व्यथा बताते हुए इस बार कारोबार पिछली साल के मुकाबले कम हुआ है। वहीं जयपुर से मुकेश ने बताया कि पिछली साल जितना सामान लेकर आए थे। वह कम पड़ गया था, लेकिन इस बार कारोबार फीका है। लोग आते हैं, लेकिन बिना खरीदारी किए चले जाते हैं। अधिकतर शिल्पकारों ने यही कहा। इसके अलावा मेला क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के झूले और 100 स्टॉल लगाई गई हैं। 30 फूड कोर्ट, 15 हैंडीक्राफ्ट, 20 वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट, 10 खादी, 10 स्वदेशी, 10 सरकारी विभागों विविध स्टॉलें भी लगाई गईं हैं।
ग्राहकों के इंतजार में सूनी पड़ीं दुकानें
दुकानदारों का कहना कि दिन में कोई खरीदारी करने नहीं आ रहा है, लेकिन रात में थोड़ी बहुत रौनक रहती है। निराश दुकानदार प्रसार प्रचार का अभाव बताकर जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। शिल्पकारों ने मायूसी से कहा कि अगर यही हाल रहा तो वह अगली बार इस उत्सव में नहीं आएंगे।