शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह बच्चों के भविष्य को आकार देने वाला मार्गदर्शक होता है। एक शिक्षक की भूमिका माली की तरह होती है और हर बच्चा एक पौधे की तरह। जिस प्रकार माली हर पौधे की जरूरत के अनुसार उसकी देखभाल करता है, उसी तरह शिक्षक भी हर बच्चे की क्षमता, परिस्थिति और जरूरत को समझकर उसे आगे बढ़ने का अवसर देता है।
कई बच्चे कठिन परिस्थितियों से निकलकर स्कूल तक पहुंचते हैं, जबकि कुछ बच्चों को घर से बेहतर सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन बच्चे की पारिवारिक या सामाजिक पृष्ठभूमि उसका भविष्य तय नहीं करती। सही मार्गदर्शन, मेहनत और प्रोत्साहन से हर बच्चा अपनी पहचान बना सकता है। इसलिए मेरी कोशिश रहती है कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करूं। उनकी प्रतिभा को पहचानकर उसको सही दिशा दूं।
सही मार्गदर्शन ही कल समाज के जिम्मेदार नागरिक और नेतृत्वकर्ता तैयार करता है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि कठिन परिस्थितियों से आने वाला बच्चा भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े और एक मजबूत वृक्ष बनकर समाज को अपनी सेवाएं दे।
दीप्ति यादव, शिक्षिका, श्री कृष्णा इंटर कॉलेज गढ़ी चौखंडी