फरवरी 2014 में जब मैंने विद्यालय में कार्यभार संभाला, उस समय विद्यालय की स्थिति बहुत बेहतर नहीं थी। बच्चे अपने बैग में बोरा लेकर आते थे और उसे बिछाकर पढ़ाई करते थे। बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ते देख मुझे बहुत दुख हुआ। इसके बाद मैंने सबसे पहले बच्चों के लिए दरी की व्यवस्था कराई।
विद्यालय के बेहतर विकास के लिए मैंने नोएडा प्राधिकरण से संपर्क किया। प्राधिकरण के सहयोग से विद्यालय में पार्क विकसित करने, भवन निर्माण, समरसेबल लगाने, सीवर व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण कार्य कराए। इन प्रयासों से विद्यालय का वातावरण बेहतर हुआ और बच्चों को पढ़ाई के लिए सुविधाएं मिलने लगीं।
जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपने बड़ों और गुरुओं का हमेशा सम्मान करें। कभी भी उनका हृदय न दुखाएं, क्योंकि बड़े से बड़े कार्य भी गुरुओं और बड़ों के आशीर्वाद से पूरे हो जाते हैं। जीवन जीने की कला हमें अपने बड़ों से ही सीखने को मिलती है। यही संस्कार और धरोहर हमें अपनी आने वाली पीढ़ी तक पहुंचानी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों के साथ एक बेहतर इंसान बनाना भी है।
सीमा, शाहपुर गोवर्धनपुर विद्यालय