माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्जी इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (आईपीसीआई) कार्यालय प्रकरण में आरोपी पिन्टू पाल की द्वितीय जमानत अर्जी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्षियों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं समझा।
मामला थाना फेज-3 नोएडा में दर्ज है। अभियोजन के अनुसार 10 अगस्त 2025 को उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेक्टर-70 स्थित बीएस-130 में इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के नाम से एक फर्जी कार्यालय संचालित किया जा रहा है। जहां लोगों को सरकारी अधिकारी बताकर प्रभाव में लेने और धोखाधड़ी की योजना बनाई जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनमें पिन्टू पाल भी शामिल था। आरोपी सरकारी प्रतीक और पुलिस लोगो का दुरुपयोग कर स्वयं को प्रभावशाली संस्था के रूप में प्रस्तुत कर रहे थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसके पास से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद नहीं हुआ। सह आरोपियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। वहीं आरोपी पर सह आरोपियों के साथ मिलकर सरकारी पदाधिकारी के रूप में खुद को प्रस्तुत कर राजनीतिक व्यक्तियों को प्रभावित करने और धोखाधड़ी की योजना बनाने का गंभीर आरोप है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत देने से मना कर दिया।