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Noida News: नाबालिग को जेल में रखने पर एनएचआरसी सख्त, डीजीपी व डीजी जेल को नोटिस

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- श्रमिक आंदोलन के दौरान गिरफ्तार 16 वर्षीय किशोर को बालिग बताकर भेजा गया था लुक्सर जेल
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- एनएचआरसी ने दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट, महानिदेशक को विशेष जांच टीम गठित करने का निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। श्रमिक आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए 16 वर्षीय किशोर को बालिग दर्शाकर लुक्सर जिला जेल भेजने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इसे मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन का गंभीर मामला मानते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और महानिदेशक कारागार (डीजी जेल) को नोटिस जारी किया है। साथ ही दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
एनएचआरसी ने मामले की स्वतंत्र जांच के लिए अपने महानिदेशक को विशेष जांच टीम गठित करने का निर्देश भी दिया है। आयोग ने एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नाबालिग को वयस्क कैदियों के बीच रखने की स्थिति कैसे उत्पन्न हुई। जानकारी के अनुसार फेज-2 थाना पुलिस ने 14 अप्रैल 2026 को श्रमिक आंदोलन से जुड़े मामले में एक किशोर को गिरफ्तार किया था। पुलिस दस्तावेजों में उसे बालिग दर्शाते हुए लुक्सर जेल भेज दिया था। बाद में न्यायालय परिसर में हथकड़ी लगे किशोर को देखकर एक अधिवक्ता को उसकी उम्र पर संदेह हुआ। पूछताछ में किशोर ने स्वयं को नाबालिग बताया।
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इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनसे उसकी उम्र 16 वर्ष साबित हुई। दस्तावेजों की जांच के बाद अदालत ने 8 जून को उसे वयस्क जेल से हटाकर बाल सुधार गृह भेजने का आदेश दिया। भंगेल निवासी किशोर एक परचून की दुकान पर काम करता है। आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद बृहस्पतिवार को किशोर को बाल सुधार गृह से रिहा कर दिया गया।
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