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Noida News: अस्पताल निदेशक डॉक्टर की शिकायत पर एफआईआर के बजाय परिवाद दर्ज करने का आदेश

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(अदालत सेल)
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कोर्ट ने कहा- मामले में पुलिस विवेचना की तत्काल आवश्यकता नही
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की अदालत ने महानंदन अस्पताल की निदेशक डॉक्टर की ओर से सुरक्षा कंपनी के निदेशक और उसके साथियों पर लगाए गए रंगदारी, धमकी, मारपीट और मानहानि के आरोपों के मामले में पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार करते हुए प्रार्थना पत्र को परिवाद (कंप्लेंट केस) के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता के बयान के लिए 22 अगस्त 2026 की तारीख नियत की है।
अदालत में डॉ. अदिति मिश्रा ने प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। शिकायत में कहा गया कि उनकी संस्था और चौकस सिक्योरिटी कंपनी के बीच सुरक्षा सेवाओं को लेकर विधिवत अनुबंध हुआ था तथा अनुबंध के तहत सभी देय भुगतान कर दिए गए थे। इसके बावजूद कंपनी के निदेशक अभिषेक कथित रूप से अवैध धन की मांग कर रहे थे। 6 जनवरी 2026 को आरोपी अपने 5-6 साथियों के साथ शिकायतकर्ता के सेक्टर-150 स्थित आवास के बाहर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए अपमानजनक नारे लगाए। आरोप है कि उसी दिन अस्पताल जाते समय डॉक्टर की कार को रोककर चालक और स्टाफ के साथ गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
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न्यायालय ने माना कि शिकायत में वर्णित सभी तथ्य शिकायतकर्ता के व्यक्तिगत ज्ञान में हैं। आरोपियों की पहचान स्पष्ट है और इस स्तर पर पुलिस विवेचना आवश्यक प्रतीत नहीं होती। शिकायतकर्ता अपने साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत कर सकती हैं। आवश्यक साक्ष्य न्यायालय के माध्यम से तलब कराए जा सकते हैं।
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