फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: महर्षि आश्रम जमीन घोटाले पर शुरू हुई एसआईटी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
महर्षि आश्रम जमीन घोटाले पर शुरू हुई एसआईटी जांच
विज्ञापन

-सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुख्य सचिव की अगुवाई में बनी एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से कई विंदुओं पर ली जानकारी

-प्रशासन और निंबधन विभाग से भी एसआईटी ने प्रकरण में जानकारी जुटाई, अब आगे जांच और भी बढ़ेगी फिर तैयार होगी रिपोर्ट

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सेक्टर-110 महर्षि आश्रम के ट्रस्ट की 3.36 एकड़ जमीन बेचे जाने व अन्य प्रकरण में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच शुरू हो गई है। एसआईटी प्रदेश के मुख्य सचिव की अगुवाई में बनी है। जांच में एसआईटी ने लखनऊ बुलाकर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बिदुओं पर जानकारी ली है। इसके साथ ही निबंधन और जिला प्रशासन से भी प्रकरण पर जानकारी ली गई है। गौरतलब है कि एसआईटी की यह जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई है। दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस प्रकरण की जांच कर रहा है। निदेशालय ने शहर में छापेमारी कर 15 मई को दो आरोपी भी गिरफ्तार किए थे।
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय की अब तक की जांच में सामने आया है कि स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एसआरएमएफ) ट्रस्ट की जमीन बेचा जाना एक तरह का जमीन घोटाला है। आरोप है कि जी राम चंद्र मोहन इस पूरे घोटाले का मुख्य सूत्रधार है। उसने वर्ष 2010 में खुद को ट्रस्ट का फर्जी कोषाध्यक्ष बताकर एक मिलता-जुलता छद्म नाम तैयार किया और फर्जी पैन कार्ड के जरिए बैंक खाते खोले। इस साजिश में उसका साथ आकाश मालवीय ने दिया, जिसने खुद को ट्रस्ट का कार्यकारी सदस्य बताकर फर्जी सेल डीड (बिक्री विलेख) पर हस्ताक्षर किए। बताया गया कि नोएडा में गेझा तिलपताबाद के रकबे में आने वाली जमीन 2024-025 में सिंह वाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को बेची गई थी। ईडी ने प्रकरण की जांच में निबंधन विभाग से दो सब-रजिस्ट्रार को बुलाकर पूछताछ की है। 1992 से अब तक संपत्ति से संबधित रजिस्ट्रियों का ब्यौरा मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें