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Noida News: क्रूज में नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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क्रूज में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अवैध रिक्रूटमेंट सेंटर का पर्दाफाश
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- सेक्टर-73 एंथूरियम बिजनेस पार्क में चल रहा था अवैध सेंटर, चार महिलाएं समेत छह गिरफ्तार माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। क्रूज में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अवैध रिक्रूटमेंट सेंटर का कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने खुलासा किया है। सेक्टर-73 स्थित एंथूरियम बिजनेस पार्क में चल रहे इस अवैध सेंटर से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चार महिलाएं शामिल हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

नोएडा जोन की एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस को सेक्टर-73 एंथूरियम बिजनेस पार्क में चल रहे अवैध रिक्रूटमेंट सेंटर के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस की टीम ने छापा मारा और एमएस रिक्रूट सर्विस नाम से चल रहे अवैध सेंटर का खुलासा किया। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मामूरा निवासी 25 वर्षीय सरीम खान, शोएब खान, मामूरा निवासी 19 वर्षीया रितिका, सर्फाबाद निवासी मन्तासी अब्बासी, शाहीनबाग निवासी फातिमा और छिजारसी निवासी खुशी उर्फ खुशबू के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी देश के कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुके हैं।
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इंटरनेट से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे : जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे। इसके बाद संपर्क कर विदेश में क्रू शिप में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। आकर्षक वेतन और विदेश में काम करने का सपना दिखाकर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर 40 से 60 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी या तो फोन उठाना बंद कर देते थे या फिर नए सिरे से रकम की मांग करते थे। आरोपी करीब एक वर्ष से अवैध तरीके से लोगों से ठगी कर रहे थे।

ये हुई बरामदगी : 7 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 5 मॉनिटर, 5 की बोर्ड, 5 सीपीयू, 4 माउस, 1 राउटर, 2 मोहर, 2 चेकबुक, 2 सिम कार्ड, 1 एटीएम कार्ड, दस्तावेज
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वी आर हायरिंग अभियान चलाकर करते थे ठगी : पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी सोशल मीडिया पर पेड विज्ञापन चलाते थे। इसका नाम वी आर हायरिंग दिया हुआ था। इस हैशटैग से फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते थे। इसके बाद इच्छुक लोगों से फॉर्म भरवाते थे। बाद में देश-विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 40 हजार से लकर 60 हजार रुपये तक वसूलते थे। इसके बाद फर्जी जाॅइनिंग लेटर ईमेल के माध्यम से भेजकर धोखाधड़ी करते थे।



एमबीए पास है गिरोह का सरगना : इस गिरोह का सरगना सरीम खान है। जो एमबीए पास है। वहीं मन्तसा अब्बासी एमबीए व खुशी बीबीए पास हैं। अन्य आरोपी 10वीं से 12वीं तक पढ़े लिखे हैं। इन लोगों ने 50 हजार रुपये किराए पर बिल्डिंग में स्पेस ले रखा था। पुलिस की जांच में आरोपियों के खातों में लाखों रुपये से अधिक की लेनदेन का पता चला है। आशंका है कि इन आरोपियों ने 100 से अधिक लोगों से ठगी की है। ये आरोपी सोशल मीडिया व डार्क वेब से बेरोजगार युवकों का डाटा लेते थे। इसकेअलावा पुलिस उन सोर्स के बारे में पता लगा रही है जहां से ये लोग डाटा लेते थे।

पुलिस ने जारी की एडवायजरी
- नौकरी के नाम पर आने वाले किसी भी फोन कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें।

- खासकर अगर कोई कंपनी नौकरी दिलाने के नाम पर पहले पैसे मांगती है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें।

- नौकरी के लिए हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय जॉब पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।

- किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।

- किसी व्यक्ति को इस तरह की संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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