श्मशान घाट पर एकत्रित अस्थियां
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दिल्ली: फोन तक नहीं उठा रहे परिजन
कोरोना संक्रमण का खतरा होने के कारण श्मशान घाटों में एक हजार से अधिक मृतकों की अस्थियों को लेने अपने ही नहीं पहुंचे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें कुछ अस्थियां छह माह से एक वर्ष पुरानी हो गई हैं। अब तो कॉल करन पर इनके परिजन फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
आगरा: अस्थियों को अब भी है अपनों का इंतजार
मोक्षस्थली पर अस्थि रूपी फूल मोक्ष के लिए इंतजार कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण या अन्य वजह से काल के गाल में समा गए लोगों की अस्थियां अभी गंगा में प्रवाहित होने का इंतजार कर रही हैं। अप्रैल से लेकर 15 मई तक शवों का अंतिम संस्कार करने के बाद कुछ परिवार अस्थियां लेने नहीं पहुंचे हैं। कई परिजनों ने विद्युत शवदाह गृह के प्रभारी को कोरोना लहर थमने के बाद अस्थियां ले जाने के लिए कहा है। ऐसे कई परिवार हैं जिनमें सभी लोग क्वारंटीन हुए थे। इस कारण भी अस्थियां लेने नहीं पहुंचे हैं। कुछ लोग लॉकडाउन के खुलने का इंतजार कर रहे है।
देहरादून: लॉकर हो गए फुल, बोरे में रखी जा रही अस्थियां
26 अप्रैल से प्रदेश सरकार की ओर से लगाए कोविड कर्फ्यू के चलते लोग अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार नहीं जा पा रहे हैं। जिसके चलते लक्खीबाग स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार होने के बाद रखी गई अस्थियों से सभी 18 लॉकर फुल हो गए हैं। ऐसे में अस्थियों को बोरों में रखा जा रहा है।