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Noida News: ईस्टर्न पेरिफेरल और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मौजूद अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और सीईओ रवि कुमार एनजी
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ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में हुआ फैसला, क्रॉसिंग रिपब्लिक से एक मूर्ति के बीच 756 करोड़ रुपये के डबल डेकर फ्लाईओवर को मंजूरी
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अल्फा-1 रोटरी से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक पूरी होगी 105 मीटर रोड, 105 मीटर रोड का आगे हापुड़ तक होगा विस्तार



माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा की ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। शाहबेरी डबल डेकर फ्लाईओवर निर्माण और जुनपत डिपो से आगे अधूरी 105 मीटर रोड को पूरा करने के लिए मंजूरी ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड ने दी है। दूसरे चरण में इस सड़क को हापुड़ बाईपास से जोड़ा जाएगा।



बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार एनजी ने डबल डेकर फ्लाईओवर व अन्य परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव रखे। उन्होंने बताया कि ग्रेनो वेस्ट में जाम की स्थिति को देखते हुए 130 मीटर रोड से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को क्रॉसिंग रिपब्लिक के पास डबल डेकर फ्लाईओवर से जोड़ा जाना है। एनएचएआई की तैयार डीपीआर पर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण से सहमति लेकर परियोजना को पूरा किया जाएगा। पहले चरण में डीएमई से एक मूर्ति रोटरी तक डबल डेकर फ्लाईओवर 756.01 करोड़ रुपये खर्च कर बनेगा। दूसरे चरण में मौजूदा सड़क को सुधारने का काम प्राधिकरण करेगा। इस परियोजना की लागत यमुना प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण समान रूप से वहन करेंगे। भविष्य में यमुना सिटी में भी 130 मीटर रोड का निर्माण होना है। इससे जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे भी इससे सीधे तौर पर डीएमई, नोएडा, ग्रेनो वेस्ट और गाजियाबाद से जुड़ जाएंगे।
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इसके अलावा ग्रेटर नोएडा को ईपीई से बोड़ाकी के पास लिंक करने के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क का काम पूरा होना है। एनएचएआई से यह सड़क ग्रेनो प्राधिकरण बनवाएगा। नोएडा प्राधिकरण भी इस सड़क की जमीन की लागत में 50 प्रतिशत भागीदारी करेगा। इसके लिए जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण देगा। अभी अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट से नोएडा मेट्रो डिपो तक यह सड़क छह किमी में बनी है। जुनपत से आगे बोड़ाकी होते हुए ईपीई तक 12 किमी में इसका निर्माण पूरा किया जाना है। इससे जहां ग्रेटर नोएडा सीधे ईपीई से जुड़ेगा। वहीं भविष्य में प्रस्तावित बोड़ाकी में ग्रेनो टर्मिनल भी परी चौक के पास नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। दूसरे चरण में इसे हापुड़ बाईपास तक विस्तारित किया जाना है। इससे नोएडा प्राधिकरण की न्यू नोएडा योजना भी इससे कनेक्ट हो सकेगी। तीन ओवरब्रिज भी इस 12 किमी सेक्शन में ईपीई, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड पर बनाए जाने हैं। सर्विस लेन के साथ 10 लेन की यह सड़क बनेगी।



रिठौरी में रेलवे लाइन पर बनेगा फुटओवर ब्रिज



रिठौरी गांव के निवासियों को रेलवे लाइन पार करने में आ रही समस्या दूर हो सकेगी। यहां फुटओवर ब्रिज के निर्माण को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इस फुटओवर ब्रिज को बनाने के लिए वर्ष 2022 में सांसद डॉ. महेश शर्मा का पत्र प्राधिकरण को प्राप्त हुआ, जिस पर प्राधिकरण की तरफ से डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया। इसे बनाने का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को वहन करेगा।



आवंटी 30 जून 2028 तक कर पाएंगे निर्माण



ग्रेटर नोएडा की आवासीय भूखंड योजनाओं के आवंटियों को भवन निर्माण पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए एक अंतिम अवसर दिया गया है। ऐसे आवंटियों को 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। जिन भूखंडों पर अभी निर्माण पूरा नहीं हुआ है या कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। यह समय विस्तार वर्तमान में प्रचलित विलंब शुल्क के साथ अनुमोदित किया गया है। इस अवधि के बाद आवंटन भी अगर किसी ने कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र नहीं ले लिया तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।



अल्फा-1 में बनेगी पब्लिक लाइब्रेरी



ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड सेक्टर अल्फा वन में पब्लिक लाइब्रेरी भी बनाएगा। यह लाइब्रेरी 1360 वर्गमीटर में होगी, जिसमें से 440 वर्गमीटर में तीन मंजिला लाइब्रेरी बनेगी और बाकी क्षेत्र में पार्किंग, शौचालय व अन्य सुविधाएं होंगी।
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मैकेनिकल स्वीपिंग से होगी सड़कों की सफाई



ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर धूल-मिट्टी के नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। सीएक्यूएम व आईआईटी रुड़की के सुझाव पर ग्रेटर नोएडा को सेंट्रल एवं ईस्ट जोन में बांटकर सड़कों की पांच वर्ष के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग से कराने कराया जाएगा। इसके लिए मशीनरी प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा और संचालन निजी एजेंसियां करेंगी।
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