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Noida News: ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना फिर अटकी

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फिर अटकी ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना
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- केंद्रीय कैबिनेट से नहीं मिली मेट्रो लाइन के विस्तार को हरी झंडी
- ब्लू और एक्वा लाइन मेट्रो की कनेक्टिविटी के प्रस्ताव पर नहीं हो सका फैसला

- कैबिनेट की अगली बैठक तक टला मामला

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के रास्ते एक्वा लाइन मेट्रो के विस्तार की परियोजना फिर अटक गई है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी नहीं मिली। ब्लू और एक्वा लाइन मेट्रो की कनेक्टिविटी के प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। अब कैबिनेट की अगली बैठक तक यह मामला टल गया है।

एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से करीब 400 मीटर की दूरी पर नोएडा को दिल्ली से जोडऩे वाली ब्लू लाइन का सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन है। दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी तय करने के लिए यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाले यात्री मेट्रो की जगह निजी वाहनों का विकल्प अपनाना ज्यादा पसंद करते हैं। नोएडा को ग्रेनो वेस्ट के रास्ते नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित 14.95 किमी की मेट्रो लाइन को भी सेक्टर-51 से ही विस्तार दिया जाना है। ऐसे में ब्लू और एक्वा लाइन की बेहतर कनेक्टिविटी का विकल्प तलाशे जाने तक 2197.49 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय ने ब्रेक लगा दिया है।
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हालांकि, नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) ने 25 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे 420 मीटर लंबे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) से ब्लू और एक्वा लाइन के मेट्रो स्टेशनों को जोड़े जाने का प्रस्ताव दस दिन पहले ही केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गुरुग्राम के हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन के साथ ही ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परिेयोजना को भी मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन कनेक्टिविटी के प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं होने के कारण कैबिनेट की अगली बैठक तक मामला टल गया है।



अब एफओबी ही एकमात्र विकल्प

सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच आवाजाही बेहतर बनाने की संभावना तलाशने के निर्देश मंत्रालय की तरफ से दिए गए थे। दोनों स्टेशनों के बीच हॉल्ट बनाने की संभावना तलाशी गई, लेकिन जमीन के अभाव और सेक्टर-71 अंडरपास के कारण इसे खारिज कर दिया गया। एक अन्य विकल्प ब्लू लाइन मेट्रो के सेक्टर-61 स्टेशन तक एक्वा लाइन का विस्तार करने का दिया गया था। लेकिन इसके लिए पुराने कॉरिडो को तोड़कर उसमें बदलाव संभव नहीं है। ऐसे में अंतिम विकल्प एफओबी का ही बचता है।





दो चरणों में प्रस्तावित है निर्माण

नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक 14.95 किमी लंबी मेट्रो रेल परियोजना दो चरणों में प्रस्तावित है। पहले चरण में नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 तक मेट्रो चलेगी। इस लाइन की लंबाई करीब 9.5 किमी होगी और स्टेशनों की संख्या पांच होगी। पहले चरण से ग्रेटर नोएडा वेस्ट भी जुड़ जाएगा। दूसरे चरण में सेक्टर-2 से नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो चलेगी। इस बीच चार स्टेशन होंगे।
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1.23 लाख यात्रियों को इंतजार

ग्रेनो वेस्ट में आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। मेट्रो रेल परियोजना इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे ग्रेनो वेस्ट को भी जोड़ा जाना है। इस लाइन पर मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद रोजाना करीब 1.23 लाख यात्रियों की राह आसान होने के आसार हैं। ग्रेनो वेस्ट मेट्रो शुरू होने पर दिल्ली को जोड़ने वाली ब्लू लाइन, नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोडऩे वाली एक्वा लाइन और नोएडा से ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली प्रस्तावित लाइन आपस में जुड़ जाएंगी।
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