नोएडा के सेक्टर- 18 अंडर पास पर रविवार सुबह 11 बजे छाया स्मॉग।
देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा ग्रेनो
ग्रेटर नोएडा। जिले में प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है। रविवार को ग्रेनो फिर से डार्क रेड जोन में पहुंच गया यानी वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 418 और नोएडा का 405 दर्ज किया गया। इससे ग्रेनो देश के सबसे प्रदूषित शहरों में पहले व नोएडा चौथे नंबर पर रहा। गाजियाबाद का 407 एक्यूआई दर्ज किया गया। नोएडा के चार और ग्रेटर नोएडा के दो मॉनिटरिंग स्टेशन से प्रदूषण की जांच की गई। शनिवार को ग्रेटर नोएडा का 355 व नोएडा का 344 एक्यूआई था, जो रविवार को तेजी से बढ़ गया।
प्रदूषण बढ़ने के कारण
- ग्रेप के नियमों को पालन नहीं करना
- जगह-जगह धूल उड़ना
- जिम्मेदार एजेंसियों की ओर से पानी का छिड़काव नहीं करना
- कई जगह कूड़ा जलाना
- वाहनों से निकलने वाला धुआं