ग्रेनो प्राधिकरण ने दो प्रबंधकों पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा पत्र
ग्रेटर नोएडा। आम्रपाली बिल्डर से बकाया वसूलने में लापरवाही के मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यहां तैनात रहे दो प्रबंधकों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है। साथ ही यहां तैनात रहे एसीईओ (सेवानिवृत्त) पर भी कार्रवाई की सिफारिश की है। इसके अलावा वर्तमान में प्राधिकरण में तैनात तीन सहायकों को भी आरोप पत्र दिए हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
दरअसल, आम्रपाली बिल्डर पर प्राधिकरण का करीब 3700 करोड़ रुपये बकाया है। बिल्डर का मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो प्राधिकरण का पैसा फंस गया। इसके बाद सरकार ने मामले की जांच कराई। जांच में 8 लोग दोषी पाए गए हैं। तत्कालीन एसीईओ को भी दोषी पाया गया है, लेकिन वह 2015 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन पर कार्रवाई का फैसला शासन लेगा। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने मौजूदा समय में प्राधिकरण में तैनात कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी। दो सहायकों को निलंबित करने के बाद अब तीन और सहायकों को आरोप पत्र दिए गए हैं। प्राधिकरण में कार्यरत दो कनिष्ठ एवं एक वैयक्तिक सहायक पर लापरवाही व प्राधिकरण के हितों का ध्यान नहीं रखने आदि के आरोप लगाए गए हैं। आरोप पत्र जारी कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। सभी कर्मचारियों की जांच प्राधिकरण महाप्रबंधक वित्त एचपी वर्मा करेंगे। जांच पूरी कर वह अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इस मामले में प्राधिकरण के दो प्रबंधक भी दोषी हैं, लेकिन दोनों का यहां से तबादला हो गया है। वह उस समय बिल्डर विभाग का कार्य देख रहे थे। प्राधिकरण ने दोनों प्रबंधकों को निलंबित करने के लिए अपनी संस्तुति शासन को भेज दी है। साथ ही विभागीय जांच की भी सिफारिश की गई है।