जोशीमठ में सड़कों, मकानों और खेतों में बड़ी दरार आ चुकी है। वहां की सरकार ने असुरक्षित मकानों को चिन्हित किया है। जिनको तोड़ने का काम शुरू हो गया है। जिन घरों को चिन्हित किया गया है। उनमें 194 पालतू कुत्ते हैं। जबकि वहां पर सैकड़ों की संख्या में लावारिस कुत्ते भी रहते हैं।
ग्रेटर नोएडा में रहने वाली कावेरी भारद्वाज अपनी टीम के साथ जोशीमठ में बेजुबान जानवरों की मदद करने पहुंची है। वहां माइनस वन डिग्री तापमान में जगह-जगह घूमकर लावारिस और पालतू कुत्तों को खाना खिला रही है। अगर कोई कुत्ता घायल है तो रेस्क्यू कर उनका इलाज कर रही है। फिलहाल टीम अगले चार दिन वहां पर रहेगी। उसके बाद अगर जरुरत पड़ी तो और जरुरी सामान ग्रेटर नोएडा से लेकर जाएगी।
विज्ञापन
जोशीमठ में सड़कों, मकानों और खेतों में बड़ी दरार आ चुकी है। वहां की सरकार ने असुरक्षित मकानों को चिन्हित किया है। जिनको तोड़ने का काम शुरू हो गया है। जिन घरों को चिन्हित किया गया है। उनमें 194 पालतू कुत्ते हैं। जबकि वहां पर सैकड़ों की संख्या में लावारिस कुत्ते भी रहते हैं। उनको समय पर खाना नहीं मिल रहा है। द डॉग मदर से जाने वाली कावेरी राणा को इसकी जानकारी स्थानीय लोगों से मिली। पशु प्रेमी कावेरी राणा मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली है।
जानकारी मिलने पर उन्होंने ट्विटर पर उत्तराखंड की सरकार से मदद मांगी। सरकार ने हर संभवन मदद देने का आश्वासन दिया। जिस पर कावेरी राणा अपनी टीम स्मार्ट सेंचुरी के साथ जोशीमठ पहुंच चुकी है। वहां जाकर टीम ने पालतू और लावारिस कुत्तों व बिल्लियों को खाना खिलाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले दिन 70 कुत्तों को खाना खिलाया गया है।
विज्ञापन
इस दौरान दो कुत्तों को रेस्क्यू किया गया है। दोनों घायल थे। उनका इलाज किया जा रहा है। टीम के पास चार दिन का खाना है। अगर और खाने की जरुरत होगी तो मंगवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार और स्थानीय निवासी काफी मदद कर रहे है। अगर जो लोग अपने पालतू कुत्तों को ले जाने से इंकार करेंगे तो उनको सुरक्षित जगह ले जाया जाएगा। अभी लोगों ने अपने कुत्तों को घरों की रखवाली के लिए छोड़ा हुआ है।