ग्रेटर नोएडा जिले में 12 दिन के भीतर चलती बस में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 24 सितंबर को यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद बसों की फिटनेस, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और क्षमता से अधिक भार को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को सेक्टर-148 के पास जिस बस में आग लगी, उसके अंदर और छत पर सामान भरा हुआ था।
कंडक्टर ने शोर मचाकर दी सूचना
बस के कंडक्टर ने शोर मचाकर यात्रियों को आग लगने की सूचना दी। यात्रियों के मुताबिक, आग लगने के बाद उन्हें सामान निकालने का मौका नहीं मिला। यात्रियों ने टिकट के लिए 1200 से 2700 रुपये तक का भुगतान किया था। इनमें समस्तीपुर के यात्रियों की संख्या अधिक बताई गई है।
दो घंटे तक सड़क किनारे खड़े रहे यात्री
यात्रियों का आरोप है कि आग लगने के बाद करीब दो घंटे तक उन्हें सड़क किनारे खड़े रहना पड़ा। ट्रैवल एजेंसी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। इस कारण यात्रियों को आगे की यात्रा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में यात्रियों को दूसरे साधन से अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। घटना के बाद मौके पर बस का चालक और परिचालक नहीं मिले। इससे यात्रियों में नाराजगी भी दिखाई दी।
'...भागो, अपनी जान बचाओ, बस में आग लग गई है'
परिवहन विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, एक यात्री ने बताया कि चालक ने पहले मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। आग बढ़ती देख उसने चिल्लाकर कहा, "...भागो, अपनी जान बचाओ। बस में आग लग गई है।"
खाना खिलाने के बाद यात्रियों को दूसरी बस से किया रवाना
ग्रेटर नोएडा जिला प्रशासन की टीम ने यात्रियों को जलपान कराया। उसके बाद रात्रि भोजन दिया और फिर एक बस की व्यवस्था कर सभी यात्रियों को रात 9 बजे के बाद बिहार के समस्तीपुर जिले के लिए रवाना किया। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि घटना स्थल से सभी यात्रियों को परी चौक लाया गया। सभी को जलपान कराया गया। परिवहन विभाग की मदद से बस की व्यवस्था की गई।
एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि यात्रियों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई। इसके बाद सभी यात्रियों को दूसरे वाहन से उनके घर के लिए रवाना किया गया।
फायर ब्रिगेड पर देर से आने का आरोप
कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि करीब आधा घंटे की देरी से दमकल की गाड़ियां आईं। हालांकि फायर विभाग का दावा है कि घटना की सूचना 5:17 पर मिली और टीम 5:31 बजे तक मौके पर पहुंच गई थी।
टूटकर सड़क पर बिखर गए शीशे
आग इतनी विकराल थी कि बस के शीशे चटक कर बिखर गए। अंदर रखा दीपावली और छठ पूजा के लिए व्यापारियों का सामान जलकर राख हो गया। दमकल की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
दो किमी लंबा जाम
बस में आग लगने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। इसके चलते एक्सप्रेसवे पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। आग की घटना के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई और बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। जाम में फंसे लोगों ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। कई वाहन चालकों ने जाम से बचने के लिए एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन का सहारा लिया। पुलिस और यातायात कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया।
ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-148 मेट्रो स्टेशन के सामने नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम करीब 5 बजे स्लीपर बस में आग लग गई। पहले इंजन से धुआं निकला, फिर कुछ ही देर में पूरी बस आग की लपटों से घिर गई। बस में तेज धमाका भी हुआ, जिससे एक्सप्रेसवे से गुजर रहे वाहन सवार घबरा गए। बस में करीब 32 यात्री थे। सभी समय रहते बस से बाहर निकल गए। किसी यात्री के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना के बाद चालक-परिचालक मौके से भाग गए। बस संख्या बीआर 28 पी 3433 बीएसएस कूल-कूल जमना ट्रैवलर्स की बताई गई। यह बस मंगलवार को दिल्ली के लाल किला से यात्रियों को लेकर समस्तीपुर के लिए रवाना हुई थी। बस में गोरखपुर, बिहार के अलग-अलग जिलों के यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, बस सेक्टर-148 के पास पहुंची तो चालक की सीट के पास धुआं निकलने लगा।
आग तेजी से फैलने लगी। चालक ने बस को सड़क किनारे रोक दिया और यात्रियों को नीचे उतारा गया। हालांकि, बस में रखा सारा सामान जल गया। स्लीपर बस की छत के अंदर और ऊपर भी यात्रियों का सामान भरा हुआ था। आग बुझाने के दौरान बस में तेज धमाका भी हुआ। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
घटना की सूचना पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस बीच नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही भी बंद रही।
मौके पर एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अभय कुमार मिश्र, एसीपी ट्रैफिक शकील मोहम्मद, एसीपी ग्रेटर नोएडा कृष्ण पाल सिंह, कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर अमर सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे समेत पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बस का फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे थे या नहीं, पुलिस इसकी जांच कर रही है। बस के कितने चालान हुए हैं और उसका परमिट किस राज्य का है, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस और दमकल विभाग की प्रारंभिक जांच में आग बस के इंजन के पास से शुरू होने की बात सामने आई है।
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की है। घटना में कोई यात्री घायल नहीं है। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। मामले की जांच की जा रही है। -अभय कुमार मिश्र, एडीसीपी, ग्रेटर नोएडा जोन