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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा का धनौरी वेटलैंड बनेगी देश की पहली सारस सेंक्चुअरी, वन विभाग ने की कार्रवाई शुरू

Fri, 10 Jun 2022 06:41 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा

सार

धनौरी वेटलैंड की 112 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। कुछ जमीन पर वेटलैंड मौजूद है। आसपास की जमीन को भी लिया जाएगा। इसमें 25 हेक्टेयर जमीन यमुना प्राधिकरण की होगी, जबकि करीब सात हेक्टेयर जमीन सरकारी होगी। करीब 50 हेक्टेयर जमीन किसानों की है। इस जमीन को लेने पर प्राधिकरण स्तर पर फैसला लिया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धनौरी वेटलैंड देश की पहली सारस सेंक्चुअरी बनेगी। यह नोएडा एयरपोर्ट के नजदीक भी है। प्रदेश सरकार से जमीन चिह्नित होने और यमुना प्राधिकरण से एनओसी मिलने के बाद वन विभाग ने इसकी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग इसे अधिसूचित वेटलैंड घोषित कराने के लिए स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी को प्रस्ताव भेजेगा। मंजूरी मिलने के बाद यह जिले का पहला अधिसूचित वेटलैंड भी बन जाएगा। वहीं, धनौरी वेटलैंड को रामसर साइट घोषित कराने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर का पक्षी विहार भी बनेगा।
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यमुना प्राधिकरण के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने धनौरी वेटलैंड का क्षेत्रफल 112 हेक्टेयर चिह्नित कर दिया था। इस जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं होगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को यमुना प्राधिकरण ने वन विभाग को वेटलैंड विकसित करने की अनुमित दे दी है। प्रभागीय वनाधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि वेटलैंड को स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी से अधिसूचित कराया जाएगा। वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फाउंडेशन इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। साथ ही, रामसर साइट घोषित कराने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा, जो स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी के माध्यम से भेजा जाएगा। यहां पर देश की पहली सारस सेंक्चुअरी बनेगी। जिले में अभी अधिसूचित वेटलैंड नहीं है। यह पहला अधिसूचित वेटलैंड व रामसर साइट बनेगा। अधिसूचित वेटलैंड, रामसर साइट घोषित होने के बाद यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का पक्षी विहार बनाया जाएगा।

किसानों से ली जाएगी 50 हेक्टेयर जमीन
धनौरी वेटलैंड की 112 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। कुछ जमीन पर वेटलैंड मौजूद है। आसपास की जमीन को भी लिया जाएगा। इसमें 25 हेक्टेयर जमीन यमुना प्राधिकरण की होगी, जबकि करीब सात हेक्टेयर जमीन सरकारी होगी। करीब 50 हेक्टेयर जमीन किसानों की है। इस जमीन को लेने पर प्राधिकरण स्तर पर फैसला लिया जाएगा।
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क्या है रामसर साइट
ईरान के शहर रामसर में 1971 में वेटलैंड पर सम्मेलन हुआ था। रामसर कन्वेंशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने से पहले वाइल्ड लाइफ, ईको सिस्टम समेत कई मानकों की जांच की जाती है। 160 देशों ने रामसर कन्वेंशन स्वीकार किया है। रामसर साइट में दर्ज होने से वेटलैंड को मिलने वाले बजट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भी बढ़ोतरी होती है। रामसर साइट के लिए अच्छा पर्यावरण, पानी की उचित व्यवस्था, बड़ी संख्या में पक्षियों का पहुंचना होना चाहिए।

सारस का गढ़ माना जाता है धनौरी
धनौरी वेटलैंड में बड़ी संख्या में पक्षी आते हैं। इनमें प्रवासी पक्षियों की संख्या भी काफी रहती है, लेकिन धनौरी वेटलैंड और आसपास का क्षेत्र सारस का गढ़ है। यहां पर 140 से अधिक सारस के जोड़े रहते हैं। सारस प्रदेश का राज्य पक्षी भी है। ऐसे में इन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पक्षी विहार बनने के बाद सारस की सुरक्षा भी हो सकेगी।
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