जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे दिलबर खान और दोस्त परवेज अंसारी के अपहरण की साजिश फिरौती के अलावा बिहार में हुई अभद्रता का बदला लेने के लिए रची गई थी। वहीं, मामले में मुठभेड़ के डर से फरार जलपुरा गांव निवासी इमरान ने मंगलवार को बीटा-2 थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। अयूब व कैब चालक राशिद को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य साजिशकर्ता परेवज का साढ़ू पीरू खान व एक अन्य फरार हैं।
कुछ माह पहले बुलंदशहर निवासी पीरू खान बिहार के बांका जिले में गया था। यहां वह साढ़ू परवेज अंसारी के पास गया था। परवेज जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष मिनहाज खान के बेटे दिलबर खान का दोस्त है। इस कारण परवेज ने दिलबर से भी पीरू की मुलाकात कराई थी और वह वहां साथ में रहे थे।
इस दौरान किसी बात को लेकर दिलबर ने पीरू से अभद्रता की थी। वहीं, दिलबर के साथ रहने के दौरान पीरू को यह भी पता चल गया था कि उसके पिता आसानी से फिरौती की रकम दे सकते हैं। उस दौरान पीरू चुप रहा था, लेकिन जब रविवार को परवेज दिलबर खान के साथ बुलंदशहर आया तो उसने तुरंत अभद्रता का बदला लेने की योजना बना ली। उसने परवेज से कहा था कि उसके नोएडा घूमने का वह बंदोबस्त कर देगा। इसके बाद उसने दोनों दोस्तों को परी चौक भेज दिया था। इसके बाद पीरू ने अपने अन्य साथियों को भी साजिश में शामिल कर लिया।
डीसीपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि पीरू खान से बिहार जाने के दौरान दिलबर ने अभद्रता की थी। उसे बिहार में रहने के दौरान दिलबर के परिवार की आर्थिक स्थिति का भी अनुमान हो गया था। इस कारण उसने बदला लेने व फिरौती वसूलने के लिए अपहरण की वारदात की। इमरान ने थाने में आत्मसमर्पण किया है।