सोमवार को ग्रेनो का एक्यूआई 201 और नोएडा का 134 किया गया दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सितंबर का महीना आधा ही बीता है कि प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा है। 201 वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ लगातार दूसरे दिन ग्रेटर नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना। रविवार को भी ऐसी ही स्थिति थी और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई ऑरेंज जोन में दर्ज किया गया था। हालांकि, नोएडा का एक्यूआई 134 होने की वजह से दूसरे दिन भी येलो जोन में ही दर्ज हुआ।
सोमवार को जारी हुई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक 283 एक्यूआई के साथ देश में पहले स्थान पर सबसे प्रदूषित शहर विशाखापट्टनम रहा। वहीं, ग्रेटर नोएडा 201 एक्यूआई के साथ दूसरे नंबर पर दर्ज किया गया। इसके अलावा देश के अन्य सभी शहर ग्रीन और येलो जोन में रहे। रविवार को ग्रेनो का एक्यूआई 216 और नोएडा का एक्यूआई 141 रहा था। यदि हवा की गुणवत्ता ऐसी ही रही तो लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगेंगी। सड़कों पर उड़ रही धूल और वाहनों का धुआं प्रदूषण को बढ़ावा देता है। ओवरलोडेड वाहन सड़कों पर मिट्टी और बालू गिराते हुए जाते हैं। ऐसे में दूसरे वाहनों के निकलने पर धूल उड़ती है। इस तरह की धूल आंखों में जलन पैदा करती है और सांस संबंधी समस्या भी हो सकती है।
24 घंटे में बढ़ा एक डिग्री पारा
सोमवार को दिन की शुरुआत ही तेज धूप के साथ हुई और शाम तक तेज धूप बनी रही। धूप की तेजी की वजह से लोगों को गर्मी में परेशान होना पड़ा। ऐसे में 24 घंटे में तापमान में एक डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री था और सोमवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ आद्रता 96 प्रतिशत दर्ज की गई।