ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को डॉग शेल्टर बनाने के लिए अनुभवी कंपनी की तलाश है। इधर, चौथी बार टेंडर की प्रक्रिया प्राधिकरण ने कंपनी की तलाश में शुरू की है। प्राधिकरण के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में डाॅग शेल्टर बनाने के अलावा बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के लिए भी एजेंसी का चयन होना है। वरिष्ठ प्रबंधक स्वास्थ्य राजेश गौतम ने बताया कि डॉग शेल्टर के निर्माण के अलावा संचालन और रखरखाव का काम चुनी गई कंपनी को करना होगा। इसके लिए ऐसी एजेंसी को चुना जाना है जोकि लावारिस कुत्तों के रखरखाव के अलावा इलाज और एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्र्राम में अच्छा अनुभव रखती है। लावारिस कुत्तों के बंध्याकरण के लिए एनजीओ का चयन होना है। इस पर 20 महीने में करीब 1.92 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। ब्यूरो