ग्रेटर नोएडा में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इस कारण लोग अखबार पढ़ने से भी डरने लगे हैं। इस बाबत एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह ने कहा है कि अखबार पढ़ने से कोरोना संक्रमण का कोई खतरा नहीं होता। अखबार पूरी तरह से सुरक्षित है।
बढ़ते कोरोना के प्रकोप के कारण जिले के कुछ सोसाइटी व आरडब्ल्यूए ने अखबार वितरकों के सेक्टर व सोसाइटी में प्रवेश पर मनमाने तरीके से रोक लगा दी है। इस स्थिति में जो लोग पढ़ाई-लिखे से ताल्लुक रखते हैं व जो लोग अखबार नियमित रुप से पढ़ना चाहते हैं, उन तक अखबार नहीं पहुंच पा रहा है। एडीएम ने बताया कि अखबार वितरकों को सोसाइटी या सेक्टर के आरडब्ल्यूए द्वारा रोकना गलत है। वह ऐसा नहीं कर सकते।
कोई शिकायत मिलती है संबंधित आरडब्ल्यूए व सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन की काउंसलिंग की जाएगी। बता दें कि अखबार को पाठकों तक पहुंचाने के क्रम में सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाता है। इसकी छपाई प्रक्रिया से लेकर पाठकों के दहलीज तक पहुंचाने के क्रम में कई बार सैनिटाइज भी किया जाता है। ऐसे में अखबार वितरकों को रोकना पूरी तरह से गलत है। ब्यूरो
कोरोना की आशंका है तो 18004192211 पर कॉल करें
कोविड-19 के जनपद प्रभारी एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने आम जन से मास्क लगाने, दो गज की दूरी अपनाने और वैक्सीन लगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोरोना होने की आशंका है तो वह हेल्पलाइन नंबर 18004192211 पर संपर्क कर इलाज संबंधी दिशा-निर्देश प्राप्त कर सकता है।
नोडल अधिकारी ने कहा कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। सावधानी ही इस वायरस की चेन तोड़ सकती है। कोविड प्रभारी ने अपील की है कि जनपद के 45 वर्ष के ऊपर आयु के सभी लोग वैक्सीन जरूर लगवाएं। कोविड वैक्सिन पूरी तरह से सुरक्षित है।
सभी लोग मास्क का प्रयोग जरूर करें। किसी भी सार्वजनिक स्थान, बाजार, पार्क आदि में एकत्रित न हों। बुखार या बीमारी के अन्य लक्षण प्रतीत हों तो तत्काल अपनी जांच कराएं। सीईओ ने कहा कि कोई व्यक्ति अपने घरों से बाहर पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर भ्रमण करता है तो मास्क व फेस शील्ड जरूर लगाएं।