- पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, नानी को पहले भेजा था जेल
- अमर उजाला ने एक दिसंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर किया था खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के शाहबेरी से 10 मई को अगवा किए गए सवा महीने के मासूम को सकुशल बरामद कर पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया है। नानी बबीता शर्मा हापुड़ की नर्स जमुना उर्फ शिवानी के साथ मिलकर दो लाख रुपये में मासूम का सौदा बीएएमएस डाॅ. दीपक त्यागी से किया। इसके बाद डॉक्टर ने मासूम को श्यामपुर जट निवासी अमरवीर को बेच दिया था। बबीता को पुलिस ने पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अमर उजाला ने एक दिसंबर को महिला ने बेटे को अगवा करने वाली अपनी मां को भिजवाया जेल शीर्षक से एक्सक्लूसिव समाचार प्रकाशित किया था। अब पुलिस ने डाॅक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मासूम को दंपती के सुपुर्द कर दिया है।
एडीसीपी हृदेश कठेरिया ने बताया कि शाहबेरी निवासी शिवांगी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने इस्लामुद्दीन से प्रेम विवाह किया था। उसके गर्भवती होने के दौरान देखभाल के लिए उसकी मां बबीता अप्रैल माह में शाहबेरी में आई थी। शिवांगी ने बेटे को जन्म दिया था। इसके बाद भी बबीता बेटी के घर रुकी हुई थी। दस मई को इस्लामुद्दीन अपने काम पर गया था और शिवांगी दवा लेने गई थी। इसी दौरान बबीता बच्चे को टीका लगवाने के बहाने अगवा कर फरार हो गई। 30 नवंबर को दंपती की मदद से पुलिस ने बबीता को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। बबीता से मिली जानकारी के बाद पुलिस मासूम की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी। बबीता ने केवल अपनी सहेली जमुना का नाम बताया था, डाॅक्टर व अमरवीर का नाम वह नहीं जानती थी। जमुना भी किराये का घर छोड़कर चली गई थी। सर्विलांस आदि की मदद से बिसरख कोतवाली प्रभारी अरविंद कुमार की टीम ने मंगलवार को हापुड़ की लज्जा कालोनी से मुरादपुर गांव के जमुना उर्फ शिवानी को गिरफ्तार किया। इसके बाद दीपक त्यागी और फिर अमरवीर को गिरफ्तार किया गया। अमरवीर के घर पर मासूम पुलिस को मिला।
डाॅक्टर को मिले एक लाख नानी व जमुना ने लिए 50-50 हजार
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अमरवीर खेतीबाड़ी करता है। उसकी सात बेटियां हैं लेकिन कोई बेटा नहीं है। अमरवीर डाॅ. दीपक के पास इलाज आदि के लिए आता था। उसने बेटा गोद लेने की इच्छा जाहिर की थी। जमुना, हापुड़ में एक अस्पताल में नर्स थी। जमुना भी दीपक के संपर्क में थी। जमुना और बबीता की काफी दिन से पहचान है। बबीता ने ही जमुना के साथ मिलकर बेटी के मासूम बच्चे को अगवा कर बेचने की साजिश रची। बबीता व जमुना ने डॉ. दीपक त्यागी से एक लाख रुपये लेकर बच्चा दे दिया। इसके बाद दीपक ने अमरवीर से दो लाख रुपये लेकर बच्चा बेच दिया।
मां की आंखों से छलके खुशी के आंसू
मासूम बच्चे के मिलने की खबर सुनकर शिवांगी और इस्लामुद्दीन बिसरख कोतवाली पहुंचे। आठ महीने बाद अपने बच्चे को गोद में लेकर शिवांगी के खुशी के आंसु छलकने लगे। शिवांगी के चेहरे पर यह मुस्कान आठ महीने बाद लौटी। इससे पहले मासूम बच्चे की तलाश में वह पति के साथ भटक रही थी। शिवांगी ने पुलिस और अमर उजाला का आभार प्रकट किया। शिवांगी ने कहा उसकी मां इससे पहले भी इस तरह की करतूत कर चुकी हैं।
कान पर निशान से हुई पहचान, होगा डीएनए
अपहरण के समय मासूम केवल सवा माह का था। मिलने के बाद मां ने उसे नहीं पहचाना। मासूम भी अभी केवल नौ माह का था। लेकिन शिवांगी और उसके पिता ने बच्चे के कान पर निशान से उसकी पहचान की। लेकिन पुलिस का कहना है कि बच्चे की पहचान की पुष्टि के लिए उसकी डीएनए जांच कराई जाएगी।
मेरे पति का भविष्य तुम्हारे हाथ में है
पति की गिरफ्तारी के बाद डा. दीपक त्यागी की पत्नी भी बिसरख कोतवाली पहुंची। वह शिवांगी के सामने हाथ जोड़कर खड़ी हो गई। उसने शिवांगी से कहा कि उसके पति का भविष्य उसके हाथ में है। डाॅ. दीपक त्यागी बेकसूर हैं। जमुना ने डाॅ. दीपक से कहा था कि बच्चे की मां ने दूसरे धर्म के युवक से विवाह किया था। बाद में उसके पति ने छोड़ दिया। इसलिए वह बच्चे को अपने पास नहीं रखना चाहती। लेकिन शिवांगी ने कहा कि इसका फैसला न्यायालय में ही होगा।