मॉल परिसर में अवैध रूप से प्रवेश करने, कार्यालय में तोड़फोड़ व कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। यह आदेश बीटा-2 कोतवाली में दर्ज एक मामले में पुलिस द्वारा न्यायिक हिरासत मांगने के सिलसिले में दिया गया है।
ग्रैंड वेनिस मॉल में डीएस च्युइंग प्रोडक्ट्स एलएलपी प्रमुख शेयरधारक है। डीएस च्युइंग प्रोडक्ट्स एलएलपी के डिप्टी मैनेजर (कानूनी) हस्ताक्षरकर्ता सुशील कौशिक ने बीटा-2 में भसीन, हरप्रीत सिंह छाबड़ा, अजय धवन और शोकेत खान के खिलाफ इस साल 8 फरवरी को मॉल परिसर में अवैध रूप से प्रवेश करने, कार्यालय में तोड़फोड़, कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और मॉल का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि आरोपियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम और सर्वर रूम में घुसकर सुरक्षा प्रणाली को बंद कर दिया था। विभिन्न विभागों के दराज और लॉकर तोड़े और लगभग पांच से छह निजी लैपटॉप और लगभग 100 आधिकारिक फाइलें जब्त कर ली थीं। पुलिस ने इस मामले में मोंटू भसीन को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। तब मोंटू भसीन के अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल के खिलाफ किसी भी कार्रवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने संबंधी आदेश का हवाला दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में 2021 में आदेश जारी किए थे, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट को अवगत नहीं कराया था। दिल्ली से अवैध तरीके से गिरफ्तारी की गई। इसके बाद कोर्ट ने रिमांड को निरस्त कर दिया था। वहीं इस मामले में मोंटू भसीन को अवैध तरीके से दिल्ली से उठाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस से जवाब तलब किया था। इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है। बृहस्पतिवार को न्यायिक हिरासत में भेजने संबंधी मामले में हुई सुनवाई के दौरान मोंटू भसीन के कोर्ट परिसर में मौजूद नहीं रहने पर कोर्ट ने मोंटू को दो दिन के अंदर अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है। वहीं मोंटू भसीन के अधिवक्ता अमित चौहान का कहना है कि मामले में 20 तारीख को सुनवाई होगी।