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Noida News: जीपीएस आधारित वीएलटी से सवा लाख ओला-उबर यात्राएं होंगी ज्यादा सुरक्षित

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जीपीएस आधारित वीएलटी से सवा लाख ओला-उबर यात्राएं होंगी ज्यादा सुरक्षित
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वीएलटी डिवाइस लगने से सभी यात्री वाहनों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में चल रहे सवा लाख से अधिक यात्री वाहनों में अब जीपीएस आधारित व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटी) डिवाइस को फीड कराना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने नोटिस चस्पा कर कहा है कि बिना वीएलटी डिवाइस को ऑनलाइन अपडेट कराए अब किसी भी वाहन से जुड़ा कार्य नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, वीएलटी डिवाइस लगने से सभी यात्री वाहनों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। इससे ओला, उबर, टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर नजर रखना आसान होगा। किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से तुरंत वाहन की लोकेशन पता कर मदद पहुंचाई जा सकेगी। खासकर महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जीपीएस आधारित वीएलटी डिवाइस से वाहन की स्पीड, रूट और स्टॉपेज की जानकारी भी मिलेगी।
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पुराने वाहनों में अभी तक नहीं लगे हैं वीएलटी डिवाइस
अधिकारियों के अनुसार जितने भी पुराने वाहन हैं, उनमें वीएलटी डिवाइस नहीं लगी हुई है। ऐसे में पुराने वाहन चालकों को अपने कैब वाहनों में इस डिवाइस को लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है, हालांकि नए वाहनों में पहले से ही यह डिवाइस लगकर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में थोड़ी दिक्कत जरूर होगी लेकिन लंबे समय में यह व्यवस्था फायदेमंद साबित होगी। इससे गलत शिकायतों पर भी रोक लगेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।
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अक्सर आती रहती हैं कैब चालकों की मनमानी की शिकायतें
बतादें कि विभाग में कई बार कैब चालकों की मनमानी के मामले सामने आते रहते हैं। इनमें तय स्थान पर कैब न आना या सही लोकेशन पर न छोड़ना, तय पैसे से ज्यादा पैसे लेने जैसी तमाम शिकायतें आती हैं, जिन पर लगाम लग सकेगी। यदि कैब चालक या ग्राहक की गलती है तो उसकी जवाबदेही भी तय होगी।
वर्जन
जिले के यात्री वाहनों को वीएलटी डिवाइस अपडेट करना जरूरी है। यह शासन की ओर से अनिवार्य कर दिया गया है। -नंद कुमार, एआरटीओ प्रशासन, गौतमबुद्ध नगर
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