थीम आधारित स्किल वर्कशॉप, कारीगरों को मिलेगा डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण
क्लस्टर डेवलपमेंट, इनक्यूबेशन सेंटर और ऋण योजनाओं से आएगी मजबूती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली खादी ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) और कारीगरों को दिल्ली सरकार मजबूत करने की तैयारी कर रही है। छोटे उद्योगों को डीकेवीआईबी के साथ जोड़ा जाएगा। करीब 50 करोड़ के बजट से बोर्ड कारीगरों को स्किल ट्रेनिंग, रोजगार और बाजार से जोड़ेगा।
मंगलवार को बोर्ड मुख्यालय में उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ ग्रामोद्योगों के लिए कौशल विकास के मुद्दे पर बैठक हुई। इसमें 50 से ज्यादा विशेषज्ञ, युवा उद्यमी, कारीगर, स्वयं सहायता समूह और अधिकारी शामिल हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि बोर्ड को फिर से मजबूत कर और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना जाएगा। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के सपने को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हम खादी और छोटे उद्योगों को मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। इससे बोर्ड को फिर से न केवल खड़ा किया जाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत होगा। 1983 में बने बोर्ड को पहली बार 2025-26 के बजट में 50 करोड़ का विशेष फंड मिला है।
युवाओं-कारीगरों को हुनर, संसाधन व नेटवर्क मिलेगा
सिरसा ने कहा कि दिल्ली के युवा और कारीगर न सिर्फ हुनरमंद बनेंगे, बल्कि उन्हें संसाधन और नेटवर्क भी मिलेगा। वे अपना बिजनेस शुरू कर सकेंगे। नई योजना के तहत थीम आधारित स्किल वर्कशॉप शुरू होंगी, जिनमें पारंपरिक शिल्प, प्राकृतिक कपड़े, चमड़ा उद्योग, ईको-फ्रेंडली पैकेजिंग, मिट्टी के बर्तन और खाद्य प्रसंस्करण पर फोकस होगा। कारीगरों को आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा, क्लस्टर आधारित छोटे उद्योगों का विकास, स्किल-लोन स्कीम, इनक्यूबेशन सेंटर और शहरी बाजारों से सीधा संपर्क स्थापित करने पर जोर है।