नोएडा। ‘नोएडा-ग्रेनो के ग्रुप हाउसिंग के अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा कराने के लिए सरकार हल निकाल रही है, जिन्हें भी अब तक घर नहीं मिला है सरकार उनके हितों की रक्षा करेगी।’ प्रदेश के उद्योग मंत्री सतीश महाना ने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन बैठक में यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में कई सुझाव मिले हैं जिस पर मंथन किया जा रहा है। इन सुझावों को भी अमल में लाया जाएगा। कुछ प्रस्ताव भी मिले हैं जिनमें प्राधिकरण और अन्य के पास इन इकाइयों को गिरवी रखना सहित अन्य संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। पिछले सप्ताह इस मामले में एक उच्चस्तरीय बैठक भी की हुई जिसमें विचार विमर्श किया गया, ताकि हल निकल सके। दरअसल, आम्रपाली, जेपी इंफ्राटेक और यूनिटेक सहित कई बिल्डरों ने परियोजनाओं के तहत घर खरीदारों को फ्लैट की बुकिंग की और घर नहीं दे पाए। इससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनका निवेश करीब दस वर्षोें से अटका हुआ है।
वहीं, हस्तांतरण शुल्क के मामले में ग्राहकों पर बोझ बढ़ने के बारे में एक सवाल पर राज्य के औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव कुमार मित्तल ने कहा कि ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड की पिछली बैठक में शुल्क प्रतिशत घटाने का निर्णय किया गया था। यमुना प्राधिकरण ने भी शुल्क घटा दिए हैं। हम शुल्कों को तर्कसंगत बनाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि घर खरीदारों पर प्रतिकूल असर न पड़े। इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव (अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास) अरविंद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार जापान की कंपनी सैमसंग को 250 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। बैठक में बताया गया कि सैमसंग की ओर से नोएडा में बड़ा निवेश किया जा रहा है। इसमें पूरा सेटअप चीन से नोएडा की ओर से शिफ्ट होने की बात बताई गई। बता दें कि नोएडा में जेपी इंफ्राटेक के 20 हजार खरीदारों के मामले में हाल ही में सुरक्षा रियल्टर्स पर घर खरीदारों ने भरोसा जताते हुए अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए सबसे ज्यादा वोट दिया है। वहीं, आम्रपाली के 20 प्रोजेक्टों को एनबीसीसी से पूरा कराया जा रहा है। इसमें कोर्ट रिसीवर की निगरानी में काम हो रहा है।