बाइक बोट फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच के लिए शासन की मंजूरी
ग्रेटर नोएडा। देश के लाखों लोगों से अरबों रुपये के बाइक बोट फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच की सिफारिश को प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल गई है। बाइक बोट फर्जीवाड़े में बसपा का पूर्व लोकसभा प्रभारी व कंपनी का सीएमडी संजय भाटी मुख्य आरोपी है। गौतमबुुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्ण के सीबीआई जांच की सिफारिश और रिमाइंडर भेजने के बाद प्रदेश सरकार ने फर्जीवाड़े की जांच के लिए केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेज दी है। अब जल्द ही सीबीआई यमुना प्राधिकरण के 126 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद बाइक बोट फर्जीवाड़े का भी केस दर्ज कर जांच शुरू कर सकती है।
देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले मामले में सबसे पहला केस फरवरी में जयपुर के सुनील मीणा ने दादरी कोतवाली में दर्ज कराया था। सुनील ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एसएसपी कार्यालय में तहरीर दी थी। इसकी भनक लगते ही गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लि. (बाइक बोट) के अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर रुपये लौटा दिए थे, लेकिन उन्होंने शिकायत और एफआईआर अब तक वापस नहीं ली, क्योंकि फर्जीवाड़े में लाखों लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद एक बाद एक निवेशकों ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराई। अकेले दादरी कोतवाली में ही कंपनी के सीएमडी संजय भाटी समेत कई लोगों पर 60 से अधिक केस दर्ज हैं।
वहीं, देश के विभिन्न राज्य दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश आदि में भी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। प्रदेश सरकार की सीबीआई जांच को मंजूरी देकर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने की एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है। अब केंद्र सरकार सीबीआई को रिपोर्ट भेजेगी। इसके बाद अगर सीबीआई केस दर्ज कर लेती है तो फर्जीवाड़े के कई बड़े आरोपियों पर शिकंजा कसेगा। वहीं, निवेशकों के आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की मांग भी पूरी हो सकती है।
नाटकीय ढंग से हुई थी पहली गिरफ्तारी
केस में पहली गिरफ्तारी नाटकीय ढंग से हुई थी। कंपनी का निदेशक विजय कसाना मेरठ के अस्पताल में भर्ती था और निवेशकों ने वहां पहुंचकर हंगामा शुरू किया था। इसके बाद पुलिस ने विजय कसाना को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके दो दिन बाद संजय भाटी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
पुलिस की केस डायरी में 38 आरोपियों के नाम
पुलिस इस मामले में जेल में बंद सभी आरोपियों के खिलाफ कई केस में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। पुलिस की केस डायरी में 38 आरोपियों के नाम हैं। इनमें 10 पर 25 हजार का इनाम भी घोषित है। इसके बावजूद अभी कई बड़े आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पत्नी से लेकर पर्सनल असिस्टेंट पर कसेगा शिकंजा
दादरी स्थित बाइक बोट के मुख्य दफ्तर पर अनिश्चितकालीन धरने के अलावा देश के कई शहरों में आरोपियों की गिरफ्तारी व संपत्ति जब्त करने की मांग के लिए प्रदर्शन हो चुके हैं। इसके बावजूद निवेशकों का आरोप है कि कई केस में नामजद संजय भाटी की पत्नी दीत्ति बहल, पर्सनल असिस्टेंट रीता चौधरी समेत संजय भाटी के कई करीबियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।