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Noida News: विशेष सचिव का आदेश भी रही बेअसर..बीएन सिंह ने रोकवा दी कार्रवाई

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शासन में भी हो चुकी है भ्रष्टाचार की शिकायतें, एनओसी और संबद्धता के नाम पर दो-दो लाख रुपये की वसूली का था आरोप
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में संबद्धता अनुभाग के कार्यालय अधीक्षक बृजनाथ सिंह के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार को लेकर कई शिकायतें हो चुकी हैं। पिछले वर्ष शासन में भी इसकी शिकायत हुई थी। विशेष सचिव ने पत्र भेजकर कार्यवाही के लिए कहा था लेकिन इसके बावजूद मामला ठंडा पड़ गया। अब एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा है।
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विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि बीएन सिंह लंबे समय से संबद्धता विभाग में ही कार्यरत था। उसका पटल परिवर्तन भी नहीं हुआ। कई बार पटल परिवर्तन करने की के लिए शिकायतें भी हुईं लेकिन हर बार बीएन सिंह ने अपने प्रभाव से रोकवा लिया। विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 350 महाविद्यालय हैं। बताया जाता है कि सभी कॉलेजों में बीएन सिंह की अच्छी पैठ है। जनवरी 2024 में बेतियाहाता के बदरीनारायण ने प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को पत्र लिखकर बीएन सिंह पर भ्रष्टाचार और धन उगाही के आरोप लगाए थे। आरोप लगाया था कि वे वर्ष 2007 से ही संबद्धता अनुभाग में कार्यरत हैं। एनओसी और संबद्धता के नाम पर महाविद्यालयों से दो-दो लाख रुपये की वसूली करते हैं। आरोप लगाया कि जो महाविद्यालय रुपये नहीं देते उनकी फाइलें गायब हो जाती हैं या फिर निरस्त कर दी जाती हैं। शिकायत के बाद फरवरी 2024 में उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने कुलपति को पत्र भेजकर शिकायत के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही थी। हालांकि, इसके बावजूद विवि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि पटल परिवर्तन भी नहीं हुआ। विवि के लोगों ने बताया कि बीएन सिंह के खिलाफ कई बेनाम शिकायतें भी होती रही हैं लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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