एसटीएफ की टीम ने रामपुर और संतकबीरनगर में पशु तस्करों के रिश्तेदारों व परिचितों से कर रही पूछताछ
आपराधिक इतिहास के साथ जुटा रही संपत्तियों का भी ब्योरा, जल्द ही पशु तस्करों पर होगी बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर। पिपराइच के जंगल धूसड़ में नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड की कड़ियां एसटीएफ ने खंगालनी शुरू कर दी हैं। साथ ही अंतरराज्यीय पशु तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में जाल बिछा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार बाॅर्डर तक अपने मुखबिर सक्रिय कर दिए हैं। संदिग्ध तस्करों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इधर, स्थानीय पुलिस ने जेल भेजे गए पशु तस्करों को सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी करने तैयारी कर ली है।
पिपराइच कांड में स्थानीय पुलिस ने अब तक कुशीनगर निवासी रहीम, गीड़ा के नौसड़ निवासी छाेटू, राजू और राम लाल को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। जबकि ग्रामीणों की पिटाई से घायल बिहार के गोपालगंज के थाना गोपालपुर स्थित रामपुर खुर्द निवासी अजहर उर्फ अजब हुसैन (32 ) की मौत हो गई थी। बिहार के गोपालगंज निवासी मन्नू सेठ ने बिहार कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। जबकि रामपुर के शहर कोतवाली के मुहल्ला घेर मर्दान खां निवासी जुबैर और संतकबीरनगर निवासी वहाब भागे हुए हैं।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, भागे आरोपी वर्षों से पशु तस्करी में सक्रिय हैं। उनके तार यूपी, बिहार से लेकर बंगाल तक फैले हैं। इन तस्करों का आपराधिक इतिहास बेहद पुराना है। चोरी, लूट, रंगदारी और अवैध तस्करी के कई केस इनके खिलाफ दर्ज हैं। यही वजह है कि एसटीएफ ने अब इनके आर्थिक स्रोत और संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी है। टीम यह पता लगा रही है कि अवैध कमाई से किन-किन जिलों में इन तस्करों ने जमीन, मकान और व्यापार खड़ा किया है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई कर उनकी संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी है।
रामपुर और संतकबीरनगर में एसटीएफ ने डाला डेरा
एसटीएफ की एक विशेष टीम रामपुर और संतकबीरनगर में डेरा डालकर तस्करों के रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वारदात के दिन किन-किन लोगों की भूमिका रही और घटना के बाद किस-किस ने उन्हें पनाह दी। वहीं दूसरी ओर पुलिस भी अपनी स्तर से तफ्तीश कर रही है ताकि एसटीएफ को हर बिंदु पर सहयोग मिल सके। इधर, स्थानीय पुलिस का कहना है कि दीपक हत्याकांड को सिर्फ एक हत्या की घटना मानकर जांच करना पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय है। यही गिरोह लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की आंखों में धूल झोंककर पशुओं की तस्करी कर रहा है। वारदात के बाद यह नेटवर्क खुलकर सामने आ गया है।
गिरोह के खिलाफ होगी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि इस बार कार्रवाई सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में भी कार्रवाई की तैयारी है। साथ ही, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि फिलहाल जांच कई स्तरों पर चल रही है। जल्द ही मामले में बड़ी सफलता हाथ लग सकती है।